जबलपुर: जबलपुर में नर्मदा नदी में डूबे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर निखिल दांगी का शव आखिरकार चार दिन बाद रेस्क्यू टीम को मिल गया। मृतक का शव घटना स्थल से करीब 500 मीटर दूर लम्हेटाघाट के पास पत्थरों के बीच फंसा हुआ मिला। शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए उसी मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां वह पैथोलॉजी सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था।
हादसा होली खेलने के बाद हुआ, जब डॉक्टर निखिल दांगी अपने पांच साथियों के साथ नर्मदा नदी में नहाने गया था। इसी दौरान पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव में डूब गया। घटना के बाद से एसडीआरएफ और होमगार्ड की पांच टीमें लगातार चार दिनों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थीं। पानी के तेज बहाव के कारण तलाशी अभियान में काफी मुश्किलें आ रही थीं, लेकिन जैसे ही पानी का बहाव कम हुआ, शव घुघराघाट से 500 मीटर दूर लम्हेटाघाट के पास पत्थरों के बीच फंसा हुआ दिखाई दिया।
रेस्क्यू टीम ने शव को रस्सी से बांधकर बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। वहीं, भेड़ाघाट पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह हादसा पैर फिसलने के कारण हुआ माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
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