हरियाणा: नूंह के मुंडाका गांव में क्यों भड़की सांप्रदायिक हिंसा, 2 साल पहले हुई हिंसा का निकला कनेक्शन, ऐसे रची गई साजिश

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हरियाणा के नूंह जिले के मुंडाका गांव के पास मंगलवार को दो युवकों के बीच गाड़ी हटाने को लेकर हिंसा हुई. दोनों युवक अलग- अलग समुदाय से थे. देखते ही देखते इस हिंसा ने सांप्रदायिक रंग ले लिया. जिन दो युवकों के बीच हिंसा शुरू हुई थी, उन दोनों के पक्ष वहां इकट्ठा हो गए और एक दूसरे पर जमकर पत्थरबाजी की.

आरोप है कि मुंडाका गांव की सड़क पर राजस्थान के हाजीपुर के रहने वाले इसरा का बेटा बीच सड़क पर गाड़ी लगाकर खड़ा था. जब मुंडाका गांव के समय सिंह जोकि बाइक पर सवार था. गाड़ी हटाने के लिए कहा तो युवक ने गाड़ी हटाने के बजाए समय सिंह पर बोतल से हमला कर दिया.

दुकानों में तोड़-फोड़, बाइक में लगाई आग

आपसी झगड़े के बाद दोनों ही पक्षों के लोग वहां इकट्ठे हो गए और इसरा के घर के बाहर सड़क पर बनी पंचर की दुकानों और एक मोटर साइकिल में आग लगा दी. इस दौरान दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी हुई. साथ ही पंचर की दुकान के साइड में एक चाय की दुकान थी जिसमें भी तोड़फोड़ की गई.

TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए आरोपी पक्ष इसरा की पोती रिजवाना ने बताया कि मंगलवार शाम को हुई थोड़ी सी कहासुनी को हिंदु मुस्लिम का रंग दे दिया गया. देखते ही देखते सैकड़ों लोग जमा हो गए और हमारी दुकानों में आग लगा दी गई. गुस्साई भीड़ ने दुकान पर खड़ी एक बाइक को भी आग के हवाले कर दिया गया. घर के टूटे हुए कांच दिखाते हुए रिजवाना ने बताया कि हमारे घर पर भी पत्थरबाजी की गई. कांच की बोतलें फेंकी गई. जिसमें परिवार के कई लोग घायल हो गए. अस्पताल में उनका इलाज चल रहा. इस वक्त घर पर सिर्फ महिलाएं ही हैं. उस समय से लेकर अभी पूरा परिवार खौफ में है. हमारा बहुत नुकसान हुआ है. हमें इंसाफ मिलना चाहिए.

12 लोगों को हिरासत में लिया

मुंडाका गांव में मची हिंसा के बाद इसके सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं. इन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर रही है. फुटेज में हाथ में डंडे लिए उपद्रवी नजर आ रहे हैं. कुछ उपद्रवियों के हाथ में पत्थर भी नजर आ रहे हैं. अब तक इस मामले में पुलिस ने 1 दर्ज नामजद और 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है. साथ ही अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्यवाई होगी.

2023 की हिंसा से कनेक्शन

मुंडाका गांव के सरपंच रामकिशोर सैनी का आरोप है कि साल 2023 की नलहर मंदिर की शोभा यात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद इसरा का परिवार रंजिश रखता था. गांव में होने वाले रस्म पगड़ी के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए साजिश रची गई थी. समय सिंह पर हमला करने के बाद मस्जिद से अनाउंसमेंट कर लोगों को जमा किया गया था.

मस्जिद से कहा गया कि इस्लाम खतरे में है. सभी लोग इकट्ठा हो. मस्जिद से ऐलान के बाद सैकड़ों मुस्लिम युवक इकट्ठा हुए. हिन्दुओं की दुकानों में आगजनी की गई. पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. कुछ आरोपी अभी भी फरार है. पूरे गांव के लोग दहशत में है. सुरक्षा के लिए पहरेदारी करने का फैसला लिया गया है. साथ ही प्रशासन से गांव में पुलिस चौकी बनाने की मांग की.

एसपी नूंह राजेश कुमार ने बताया कि शाम करीब 4 बजे सड़क पर दो युवकों के बीच विवाद हो गया था. दोनों तरफ से 4-5 लड़के इकट्ठा हो गए, जिससे हाथापाई हो गई. इस दौरान कुछ शरारती तत्वों ने शांति भंग करने की कोशिश की. समय रहते पुलिस के मौके पर पहुंचने से हालात को काबू कर लिया गया. अभी तक इस घटना में 3 से 4 लोगों के घायल होने की सूचना है. अभी तक दो संदिग्धों की पहचान हो गई है. घायल पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. साथ ही उन्होंने कहा, स्थिति नियंत्रण में है.

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