सिरोही में खाने में निकले कीड़े तो पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचीं 50 छात्राएं: वार्डन पर बदसलूकी का आरोप, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

राजस्थान

सिरोही (राजस्थान): जिले के एक सरकारी आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की करीब 50 छात्राएं सोमवार को अपनी बुनियादी समस्याएं और हॉस्टल की बदहाली को लेकर पैदल मार्च करते हुए जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचीं।

छात्राओं ने हॉस्टल में लंबे समय से व्याप्त अव्यवस्थाओं, बुनियादी सुविधाओं के अभाव और अत्यंत घटिया दर्जे के भोजन को लेकर जिला कलेक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की। छात्राओं का स्पष्ट आरोप है कि हॉस्टल के मेस में परोसे जाने वाले भोजन में कई बार कीड़े तक निकल चुके हैं, परंतु बार-बार आवाज उठाने के बावजूद व्यवस्थाओं में कोई स्थायी सुधार नहीं किया गया।

🍲 घटिया भोजन, कीड़े और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति से जूझ रहीं छात्राएं

कलेक्ट्रेट में अपनी बात रखते हुए छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में मिलने वाले भोजन का स्तर बेहद निम्न और अस्वास्थ्यकर है।

उन्होंने बताया कि कई अवसरों पर दाल और पके हुए भोजन में कीड़े रेंगते पाए गए हैं, जिससे छात्राओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। भोजन के साथ-साथ हॉस्टल परिसर में नियमित साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और रहने के कमरों की स्थिति भी पूरी तरह असंतोषजनक है। इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें लंबे समय से भारी मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

🗣️ हॉस्टल वार्डन पर बदसलूकी और अपशब्द कहने के गंभीर आरोप

पीड़ित छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन के प्रशासनिक रवैये और कार्यशैली पर भी गंभीर आरोप लगाए।

छात्राओं का कहना है कि जब भी वे भोजन की गुणवत्ता, कीड़े मिलने या परिसर की गंदगी को लेकर कोई शिकायत दर्ज कराती हैं, तो वार्डन द्वारा उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके साथ अत्यधिक अमर्यादित व्यवहार किया जाता है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि वार्डन उन्हें डांटती-फटकारती हैं और अपशब्दों का प्रयोग कर चुप रहने का दबाव बनाती हैं। छात्राओं ने कलेक्टर से वार्डन के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।

🏛️ जिला कलेक्टर ने 1 घंटे तक सुनीं समस्याएं, SDM व शिक्षा अधिकारियों को किया तलब

कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची छात्राओं की बात सुनने के लिए जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर स्वयं आगे आए और उन्होंने करीब एक घंटे तक छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों को बिंदुवार सुना।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से उपखंड अधिकारी (SDM), तहसीलदार और समग्र शिक्षा अभियान के एडीपीसी (ADPC) को मौके पर तलब किया तथा हॉस्टल प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी।

📋 जांच कमेटी का गठन, हॉस्टल व्यवस्था व वार्डन के व्यवहार की होगी पड़ताल

जिला कलेक्टर ने छात्राओं द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए एक विशेष जांच कमेटी गठित करने के निर्देश जारी किए हैं।

यह जांच कमेटी मौके पर जाकर हॉस्टल मेस के भोजन की गुणवत्ता, राशन सामग्री के भंडारण, परिसर की स्वच्छता, कमरों की स्थिति और वार्डन के व्यवहार संबंधी सभी शिकायतों की विस्तृत जांच करेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

🚌 सरकारी वाहनों से सुरक्षित हॉस्टल भेजा गया, जांच रिपोर्ट पर टिकी नजरें

कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें पैदल वापस भेजने के बजाय सरकारी वाहनों से रवाना करने के निर्देश दिए।

इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा व्यवस्थित किए गए करीब चार सरकारी वाहनों में बैठाकर सभी छात्राओं को पूरी सुरक्षा के साथ हॉस्टल पहुंचाया गया। अब प्रशासनिक जांच कमेटी की रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जिसके आधार पर हॉस्टल प्रबंधन में आवश्यक सुधार और जवाबदेही तय की जाएगी।

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