गुरुग्राम, 25 मार्च 2025 : हरियाणा में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाने, बाल श्रम की समस्या और फैमिली आईडी से जुड़ी चुनौतियों को लेकर गुरुग्राम में राज्य स्तरीय परामर्श आयोजित किया गया। CRY संस्था ने पहल संस्था के सहयोग से इस राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन किया, जिसमें अन्य सहयोगी संस्थानों ने भी सहभागिता निभाई। इस कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, शिक्षा अधिकारियों, बाल संरक्षण संस्थानों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की बढ़ती संख्या, बाल श्रम के बढ़ते जोखिम और फैमिली आईडी से संबंधित दस्तावेजी समस्याओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। यह सामने आया कि गलत आय विवरण, ब्लॉक या फ्रीज़ फैमिली आईडी और दस्तावेजों की कमी के कारण कई वंचित परिवार सरकारी योजनाओं जैसे राशन और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, जिससे बच्चों के स्कूल छोड़ने और बाल श्रम में शामिल होने का खतरा बढ़ रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जया सिंह, प्रोग्राम हेड, क्राई – नॉर्थ ने कहा, “अक्सर बच्चे बाल श्रम में इसलिए नहीं जाते या स्कूल इसलिए नहीं छोड़ते कि परिवार शिक्षा को महत्व नहीं देते, बल्कि इसलिए क्योंकि कई बार व्यवस्थाओं तक पहुँच पाना उनके लिए कठिन हो जाता है। वार्ड स्तर बाल संरक्षण समितियों जैसे सामुदायिक तंत्र को मजबूत करना और फैमिली आईडी जैसी दस्तावेज़ी समस्याओं को हल करना बेहद जरूरी है, ताकि सबसे वंचित बच्चे भी शिक्षा और संरक्षण प्रणाली से बाहर न रह जाएँ। यह सुनिश्चित करने के लिए समुदाय, सिविल सोसाइटी और सरकारी विभागों के बीच सहयोग बहुत आवश्यक है कि कोई भी बच्चा पीछे न छूटे।”
कार्यक्रम के दौरान पहल संस्था के महासचिव डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि फैमिली आईडी से जुड़ी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल से बाहर रह जाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए एनरोलमेंट और टेंपरेरी आईडी के माध्यम से प्रवेश दिलाने की आवश्यकता है, ताकि अधिकतर बच्चे शिक्षा से लाभान्वित हो सकें।

इस दौरान मानेसर क्षेत्र से वार्ड 8 की काउंसलर ज्योति जी, बलवीर सिंह (वार्ड 9) उपस्थित रहे। साथ ही मानेसर महिला थाने की एसआई ज्योति ने भी कार्यक्रम में भाग लेते हुए महिला एवं बच्चों को सुरक्षा संबंधी मुद्दों के प्रति जागरूक किया तथा उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी।
परामर्श में कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत और गुरुग्राम से चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के अधिकारी भी शामिल हुए। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए बाल कल्याण के प्रभावी उपायों पर प्रकाश डाला और इस बात पर जोर दिया कि किस प्रकार बाल मजदूरी को समाप्त किया जा सकता है तथा अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जा सकता है।
परामर्श में मिशन वात्सल्य के अंतर्गत वार्ड स्तर बाल संरक्षण समितियों (WLCPCs) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, फैमिली आईडी सुधार प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समुदाय आधारित बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। अंत में बाल श्रम रोकथाम, बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने और अधिक उत्तरदायी बाल संरक्षण प्रणाली विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए।
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