दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में पकड़े गए फ़र्जी डॉक्टर एन जॉन कैम की पुलिस रिमांड के चौथे की गई पूछताछ में दमोह एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने खुलासा करते हुए बताया कि जांच के दौरान फर्जी डॉक्टर के प्रयागराज स्थित घर पर दोबारा सर्चिंग की गई। जिसमें पूरी की पूरी फर्जी डॉक्यूमेंट बनाने की एक लैब बरामद की गई है जिसमें कई फर्जी डॉक्यूमेंट प्रिंटर, सीले,डॉक्यूमेंट बनाने वाले पेपर, आधार कार्ड, और कई आईडी कार्ड भी बरामद हुए हैं।
वहीं कानपुर में डॉक्टर के परिवार से भी पुलिस ने पूछताछ की है, दमोह एसपी की माने तो फर्जी डिग्री की एक एफआईआर 2013 में नोएडा में इसी डॉक्टर के खिलाफ की गई थी, इसके बाद से यह फरार बताया जा रहा था।
इस बात को लेकर नोएडा पुलिस से दमोह पुलिस का पत्राचार लगातार जारी है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि फर्जी डॉक्टर पहले भी देश के कई हिस्सों में फर्जी डॉक्टरी कर चुका है और लोगों को मौत के घाट उतार चुका है।
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