MP Monsoon Alert: मध्य प्रदेश में मानसून का यू-टर्न, 48 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश

जून महीने में सूखे जैसे हालात झेलने के बाद जुलाई की शुरुआत होते ही मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में अब नदियां उफान पर हैं और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल ने 2 जुलाई के लिए राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रदेश के 48 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट के साथ लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।

🟠 इन 6 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’

मौसम विभाग ने दक्षिण-पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के 6 जिलों—रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्णा—के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहाँ 115.6 से 204.4 मिमी तक भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने इन जिलों में नागरिकों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी है। साथ ही, 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।

🟡 42 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ और तेज बौछारें

राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित 42 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। इसमें विदिशा, सीहोर, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, झाबुआ, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी, दतिया, रीवा, सतना, सागर और छतरपुर समेत कई जिले शामिल हैं। इन इलाकों में बिजली गिरने (वज्रपात) को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

🌧️ पिछले 24 घंटों का हाल और नया वेदर सिस्टम

पिछले 24 घंटों में पश्चिमी मध्य प्रदेश में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहा। देवास के खातेगांव में 4.5 इंच (115 मिमी) बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा शिवपुरी और सीधी से गुजर रही है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण 3 जुलाई से नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे पूर्वी मध्य प्रदेश के सूखाग्रस्त जिलों में बारिश की कमी दूर होगी और पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर और तेज हो जाएगा।

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