Indore School News: स्कूल की जमीन पर बना मंदिर, 150 बच्चों का भविष्य एक कमरे के भरोसे; पढ़ें पूरी रिपोर्ट

मध्य प्रदेश

इंदौर के छोटा बांगड़दा स्थित सांवरिया नगर में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ शासकीय माध्यमिक स्कूल की पुरानी जर्जर इमारत को नया भवन बनाने के लिए तोड़ा गया था, लेकिन निर्माण शुरू होने से पहले ही उस जमीन पर मंदिर का निर्माण हो गया। इस अतिक्रमण के कारण अब 150 बच्चों का भविष्य खतरे में है।

📚 एक कमरे में सिमटी 8 कक्षाएं

वर्तमान में इस स्कूल के छात्र पास की एक आंगनवाड़ी के कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं। पहली से आठवीं तक की पढ़ाई एक ही कमरे में हो रही है। हालात इतने खराब हैं कि पहली से पांचवीं तक के बच्चे एक साथ बैठते हैं, और उसके बाद उसी कमरे में छठी से आठवीं तक की कक्षाएं लगती हैं। छह शिक्षक एक छोटे से कक्ष में पूरे पाठ्यक्रम को समेटने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

🏗️ 90 लाख का टेंडर, फिर भी निर्माण कार्य ठप

नगर निगम द्वारा इस स्कूल के पुनर्निर्माण के लिए मई 2025 में 90 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया था। वीरामणी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को काम सौंपा गया, लेकिन स्कूल की जमीन पर हुए अतिक्रमण और स्थानीय विरोध के कारण ठेकेदार काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं। स्कूल प्रभारी द्वारा निगमायुक्त को लिखित शिकायत देने के बावजूद अब तक प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रहा है।

🔍 प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

अतिक्रमणकारियों द्वारा मंदिर बनाए जाने से मामला कानूनी रूप से उलझ गया है। स्कूल प्रभारी और शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन अज्ञात लोगों द्वारा किए गए इस कब्जे को हटाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। एक तरफ जहाँ आधुनिक स्कूल की उम्मीद थी, वहीं दूसरी तरफ अब छात्र एक कमरे में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अपनी शिक्षा पूरी करने को मजबूर हैं।

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