दिल्ली-NCR में आज यानि 16 दिसंबर को प्रदूषण में पिछले कुछ दिनों के मुकाबले कुछ गिरावट जरूर आई है. मगर फिर भी भी AQI यहां गंभीर कैटेगिरी में बना हुआ है. प्रदूषण के कारण यहां सांस लेना भी महंगा साबित हो रहा है. इससे सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे में RBI की एक रिपोर्ट भी सामने आई है, जो वाकई चौंकाने वाली है. कुछ राज्यों में लोगों की उम्र प्रदूषण के कारण कम हुई है. जबकि, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं वाले राज्यों में लोगों की उम्र बढ़ी है.
RBI की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के कई बड़े राज्यों में वायु प्रदूषण, दूषित पानी और बिगड़ती जीवनशैली लोगों की औसत आयु को प्रभावित कर रही है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सांख्यिकी पुस्तिका 2024-25 के अनुसार, बीते चार वर्षों में दिल्ली और पंजाब में औसत आयु में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है.
- दिल्ली में साल 2019-23 के दौरान औसत आयु 1.7 साल कम हुई
- पंजाब में औसत आयु में 2 साल की गिरावट दर्ज की गई
- हरियाणा में औसत उम्र 1.1 साल घटी है
- औसत आयु में गिरावट के मामले में पंजाब पहले और दिल्ली दूसरे स्थान पर है
केरल सबसे आगे, छत्तीसगढ़ सबसे पीछे
जहां कुछ राज्यों में उम्र घट रही है, वहीं राष्ट्रीय स्तर पर औसत आयु 0.6 वर्ष से बढ़कर 70.3 वर्ष हो गई है. RBI की रिपोर्ट बताती है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और जीवनशैली में सुधार से कई राज्यों में सकारात्मक बदलाव भी दिखा है. यूपी, उत्तराखंड और बिहार सहित कुछ राज्यों में उम्र बढ़ी है.
उत्तर प्रदेश में औसत आयु 65.6 से बढ़कर 68.0 साल हो गई है. यानी 2.4 साल की बढ़ोतरी. उत्तराखंड में औसत आयु 70.6 से 71.3 वर्ष हुई है.. वहीं, बिहार में मामूली बढ़त के साथ औसत आयु 69.3 वर्ष पहुंची. यही नहीं, केरल में देश की सबसे अधिक औसत आयु 75.1 वर्ष हुई है. जबकि, छत्तीसगढ़ में सबसे कम बढ़त देखने को मिली. यहां औसत आयु 64.6 साल हुई है.
इस पूरी रिपोर्ट पर गौर करें तो दिल्ली में अब भी औसत आयु उत्तर प्रदेश और पंजाब से अधिक है, लेकिन पिछले 5-6 सालों से लगातार गिरावट चिंता का बड़ा संकेत मानी जा रही है.
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