पश्चिम बंगाल का ‘चमत्कार’! 63 साल के पिता, बेटे 59 और 58 के- दस्तावेज़ों में कैसे हुई यह बड़ी विसंगति?

देश

पश्चिम बंगाल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स की खुद की उम्र 63 साल है और उसके दो बेटे उससे महज 4-5 साल छोटे हैं. यानी पिता और उनके बेटों की उम्र में सिर्फ 4-5 साल का अंतर है, लेकिन ये चमत्कार कैसे हुआ, जहां एक शख्स को 5 साल की उम्र में ही पिता बनता हुआ दिखाया गया है. जब यह बात प्रशासन के सामने आई तो अधिकारी भी हैरान रह गए.

दरअसल, पिता-बेटे की उम्र में ये अंतर 2025 की वोटर लिस्ट में दिखाया है. इस मामले के सामने आते ही हड़कंप मच गया. ये घटना पूर्व बर्धमान जिले के मंगलकोट के शीतल गांव में हुई, जहां के कटवा में पिता और बेटे की उम्र में इस अजीब अंतर के सामने आने चुनाव आयोग में भी हंगामा हो गया. कटवा के उप-जिला मजिस्ट्रेट ने इस मामले की जांच का आश्वासन दिया है. अब जांच की जाएगी कि आखिकार ये गड़बड़ी कैसे हुई.

वोटर लिस्ट में दर्ज थे नाम

इन पिता-बेटों की पहचान चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट के मुताबिक 63 साल के पिता सरोज मांझी, उनके बेटे 59 साल के लक्ष्मी मांझी और 58 साल के सागर मांझी के रूप में हुई. रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के मुताबिक सरोज मांझी को पांच साल की उम्र में पिता बताया गया है, जबकि यह मुमकिन ही नहीं है. यह गड़बड़ी शीतल गांव के बूथ संख्या 175 से जुड़े दस्तावेजों में सामने आई. SIR प्रक्रिया के दौरान जब कागजातों की जांच की गई, तब इस एरर का पता चला.

इस समय देशभर के 12 राज्यों में SIR की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें 2003 की वोटर लिस्ट को आधार बनाया गया है. भारत निर्वाचन आयोग की इस प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट की गहराई से जांच और सुधार किया जा रहा है. हालांकि, SIR प्रक्रिया शुरू होने के बाद से कई एरर के मामले सामने आ चुके हैं. हाल ही में एक मामला सामने आया था, जब परिवार के सभी सदस्यों का नाम वोटर लिस्ट में होने के बावजूद मैपिंग के दौरान उनका नाम बदल जा रहा था. मुस्लिम नाम की जगह हर बार स्कैन करने पर दूसरे नाम आ रहे थे.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry