सूरजपुर: जिले के नवगठित नगर पंचायत शिवनंदनपुर में शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी तय है, लेकिन आमंत्रण पत्र में कांग्रेस के बड़े नेताओं का नाम न होने के कारण कांग्रेस ने इसे अपना अपमान मानते हुए विरोध शुरू कर दिया है।
❌ क्यों आमने-सामने हैं पार्टियां?
नगर पंचायत चुनावों के नतीजों में कांग्रेस का पलड़ा भारी रहा है, जहाँ उनके 8 पार्षद जीतकर आए हैं, जबकि भाजपा के 7 पार्षद ही विजयी हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि बहुमत होने के बावजूद आमंत्रण पत्र में उनके शीर्ष नेतृत्व को नजरअंदाज किया गया है। जिला महामंत्री संजय डोसी ने इस मामले में SDM को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कांग्रेस के पार्षद समारोह से अलग नगर पंचायत में अपनी शपथ लेंगे।
🗣️ भाजपा ने दिया प्रोटोकॉल का हवाला
दूसरी ओर, भाजपा नेता भीमसेन गोयल ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए इसे सरकारी प्रोटोकॉल का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि चूँकि राज्य के मुख्यमंत्री और मंत्री समारोह में आ रहे हैं, इसलिए कार्यक्रम सरकारी नियमों और प्रोटोकॉल के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। भाजपा ने दो टूक कहा है कि कांग्रेस का अलग से शपथ लेना उनका व्यक्तिगत निर्णय है।
🗳️ प्रशासनिक चुनौती
एक ओर जहाँ मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारी जोरों पर है, वहीं कांग्रेस की इस चेतावनी ने प्रशासन के लिए भी स्थिति जटिल बना दी है। अब देखना यह है कि क्या शपथ ग्रहण से पहले दोनों पक्षों में कोई सहमति बनती है या नगर पंचायत की शुरुआत दो अलग-अलग कार्यक्रमों के साथ होगी।
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