कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र स्थित नगई गांव में मंगलवार रात हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। रेत के अवैध कारोबार को लेकर शुरू हुई वर्चस्व की लड़ाई एक खूनी ट्रिपल मर्डर में तब्दील हो गई। इस वारदात में भाजपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह गहरवार (लल्ला सिंह) को उनकी फॉर्च्यूनर कार में जिंदा जला दिया गया, जबकि उनके भाई नागेंद्र सिंह और साथी योगेंद्र सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
⚡ विवाद की जड़: रेत का अवैध कारोबार
पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ रेत के अवैध खनन और वसूली पर कब्जे की जंग थी। भरत सिंह गहरवार के परिवार ने हाल ही में एक रेत घाट का सरकारी ठेका लिया था। आरोप है कि नगई गांव के मनोज त्रिपाठी और उसके परिवार द्वारा आवंटित घाट के बाहर भी अवैध खनन किया जा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था, जो मंगलवार रात हिंसक हो गया।
🚗 फॉरेंसिक जांच में हुआ साजिश का खुलासा
घटना के बाद चर्चा थी कि हाईटेंशन लाइन के तार टूटने से कार में आग लगी है, लेकिन फॉरेंसिक जांच में यह खुलासा हुआ कि आग एक सोची-समझी साजिश थी और कार को सुनियोजित तरीके से जलाया गया था। पुलिस ने हत्या और आगजनी का मामला दर्ज कर एक SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया है।
👮 पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी, अजय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी और सत्यप्रकाश त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। ये चारों आरोपी एक ही परिवार के हैं। घटना में शामिल पांच अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पूरे इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
🎖️ भरत सिंह गहरवार का राजनीतिक सफर
मृतक भरत सिंह गहरवार सोनहत क्षेत्र के बेहद प्रभावशाली नेता थे। वह पूर्व में कांग्रेस के कद्दावर नेता और वित्त मंत्री रहे रामचंद्र सिंहदेव के करीबी थे, बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए थे। उनकी हत्या से पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है।
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