दुर्ग (छत्तीसगढ़): दुर्ग जिले में पुलिस प्रशासन ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से एक विशेष ट्रैफिक चेकिंग अभियान की शुरुआत की है।
इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, प्रमुख चौराहों और व्यस्ततम मार्गों पर लगातार सघन वाहन जांच की जा रही है। पुलिस का मुख्य फोकस उन नाबालिग छात्र-छात्राओं पर है जो बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के ही दोपहिया या चारपहिया वाहन लेकर सड़कों पर निकल जाते हैं। अक्सर ऐसे मामलों में गंभीर और जानलेवा सड़क हादसे सामने आते हैं, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने अब पूरी तरह सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
📋 600 से अधिक वाहनों की सघन जांच, 67 पालकों को थाने बुलाकर भरवाए गए वचन पत्र
पुलिस प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत 600 से अधिक दोपहिया और चारपहिया वाहनों की कड़ी जांच की गई।
कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 67 नाबालिगों के पालकों (अभिभावकों) को बाकायदा थाने बुलाकर यातायात नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें सख्त हिदायत दी गई कि जब तक बच्चे बालिग न हो जाएं और उनका लाइसेंस न बन जाए, तब तक उन्हें वाहन न सौंपें। इसके अलावा नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों की एक विशेष बैठक आयोजित कर उनसे लिखित वचन पत्र भी भरवाया गया, जिसमें उन्होंने अपने बच्चों को बिना लाइसेंस गाड़ियाँ न चलाने देने का स्पष्ट आश्वासन दिया है।
💰 ASP मणिशंकर चंद्रा का बड़ा बयान: दोबारा पकड़े जाने पर परिजनों पर लगेगा 25,000 रुपये का भारी जुर्माना
मामले में जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि अभियान के तहत यदि कोई नाबालिग पहली बार वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसका नियमानुसार सामान्य चालान काटा जाएगा। इसके बाद उसके परिजनों को थाने बुलाकर समझाइश दी जाएगी और भविष्य में वाहन न देने की सख्त चेतावनी दी जाएगी।
हालांकि, यदि वही नाबालिग दोबारा वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो नए मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) के तहत उसके परिजनों के खिलाफ सीधे 25,000 रुपये के भारी जुर्माने की दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad