गोरखपुर में खाकी शर्मसार: डायल-112 के सिपाही ने 10 साल की बच्ची से की दरिंदगी और हत्या; बर्खास्त, लगेगा NSA

उत्तर प्रदेश

गोरखपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में डायल-112 में तैनात एक सिपाही की दरिंदगी और क्रूरता ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है।

10 साल की मासूम बच्ची के किडनैपिंग, रेप और मर्डर के इस खौफनाक मामले में एक तरफ जहां पीड़ित परिवार अपनी बेटी को आंसुओं के साथ अंतिम विदाई दे रहा था, तो वहीं दूसरी तरफ उसी वक्त उसकी मां ने एक नवजात बेटे को जन्म दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि पांच बहनों के बाद घर में छोटे बेटे के आने की खुशियां भी बेटी को खोने के गम में पूरी तरह दब गईं। परिजनों ने रोते हुए बताया कि मासूम की सबसे बड़ी इच्छा थी कि उसका एक छोटा भाई हो, जिसे वह हर साल राखी बांध सके।

🏍️ अस्पताल से घर लौट रही बच्ची को रास्ते में घेरा, सुनसान इलाके में दरिंदगी के बाद नदी में फेंका शव

पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर (FIR) और प्राथमिक जांच के मुताबिक, 28 जुलाई की रात मासूम बच्ची अपनी बड़ी बहन को खाना देकर जिला अस्पताल से घर वापस लौट रही थी।

इसी दौरान रास्ते में डायल-112 में तैनात आरोपी सिपाही अभिषेक यादव ने उसे रोका और बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर जबरन बैठा लिया। आरोपी बच्ची को शहर से दूर एक बेहद सुनसान इलाके में ले गया, जहां उसने मासूम के साथ हैवानियत की हदें पार करते हुए दुष्कर्म किया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि साक्ष्य छुपाने के इरादे से उसने बच्ची के हाथ पीछे बांधकर शव को नदी में फेंक दिया और वापस पुलिस लाइन लौटकर अपनी खाकी वर्दी पर लगे खून के धब्बे साफ कर दिए।

🩺 पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुली हैवानियत की परतें, टूटी थीं हड्डियां और मिले थे गहरे घाव

मासूम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन भी सन्न रह गया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि आरोपी ने बच्ची के साथ अमानवीय क्रूरता की थी।

बच्ची के शरीर की कई हड्डियां टूटी हुई पाई गईं, उसके निजी अंगों पर गंभीर चोटों के निशान थे और पेट पर भी गहरे घाव मिले थे। पुलिस जांच में पुष्टि हुई कि रेप के बाद उसकी हत्या कर शव को नदी में बहाया गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर करीब 36 घंटे के गहन सर्च ऑपरेशन के बाद नदी से मासूम का शव बरामद किया।

⚖️ आरोपी सिपाही सेवा से तत्काल बर्खास्त, पॉक्सो एक्ट और रासुका (NSA) के तहत होगी कठोर कार्रवाई

इस जघन्य घटना के सामने आते ही पूरे इलाके में भारी जन-आक्रोश फैल गया। गुरुवार को जब पुलिस आरोपी सिपाही को मेडिकल टेस्ट के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची, तो वहां मौजूद वार्ड बॉय और नर्सों ने उस पर गुस्सा निकालते हुए उसकी पिटाई कर दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी पहले भी एक आपराधिक मामले में जेल जा चुका था और बाद में कोर्ट के आदेशों के तहत बहाल हुआ था। अब इस अक्षम्य अपराध के बाद उसे सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। उसके खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और हत्या की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी, वहीं पीड़ित परिवार आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग कर रहा है।

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