Royal Look में Scindia, शाही पोशाक और तलवार के साथ दिखा जोश

मध्य प्रदेश

ग्वालियर। हाथ में चमकती तलवार… सिर पर राजसी साफा… और साथ में बेटे महान आर्यमन का वही शाही रूप। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का यह अंदाज साल में सिर्फ एक बार ही देखने को मिलता है— दशहरे के मौके पर।

गुरुवार को ग्वालियर राजपरिवार ने परंपरा निभाते हुए गोरखी स्थित देवघर मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद हुआ शस्त्र पूजन—जहां राजसी सेना के चिह्न और पुरखों की परंपरा एक बार फिर जीवंत हो उठी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा—

“विजयादशमी हमें हमेशा यह संदेश देती है कि सत्य और धर्म की राह ही सबसे बड़ी विजय है।”

उनके साथ उनके बेटे महान आर्यमन सिंधिया भी पारंपरिक परिधान और तलवार के साथ मौजूद रहे। भीड़ के बीच पिता-पुत्र की यह झलक देखते ही हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया।

 क्यों है खास यह परंपरा?

सिंधिया राजपरिवार की दशहरा परंपरा सदियों पुरानी है। शस्त्र पूजन और रियासतकालीन चिह्नों का पूजन ग्वालियर के गौरव से जुड़ा है।ग्वालियरवासी इस दिन राजपरिवार के ‘शाही दर्शन’ को शुभ मानते हैं।

जनता का उमड़ा सैलाब

ग्वालियर की सड़कों पर गुरुवार को राजसी ठाठ-बाठ का अद्भुत नजारा दिखा। मंदिर से लेकर राजचिह्न पूजन तक हजारों लोग उमड़े और उन्होंने सिंधिया परिवार के शाही दर्शन किए।

सिंधिया का संदेश

“यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। विजयादशमी हम सबके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।”

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry