स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जैविक खेती आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। यह न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने और लोगों को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
🇮🇳 आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की पहल
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर काम कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से किसान मोर्चा और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों, विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
📝 किसानों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारियां
कार्यशाला के दौरान किसानों को जैविक खेती से संबंधित कई अहम जानकारियां प्रदान की गईं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
-
जैविक खेती की आधुनिक तकनीक।
-
प्राकृतिक कृषि पद्धतियां और उनके लाभ।
-
घर पर जैविक खाद तैयार करने की विधि।
-
जैविक कीटनाशकों का सुरक्षित उपयोग।
-
शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाएं।
💡 खेती को लाभकारी बनाने के लिए संवाद जरूरी
कृषि विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि खेती को टिकाऊ बनाने के लिए किसानों और वैज्ञानिकों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। इससे न केवल उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने जैविक खेती अपनाने का संकल्प लिया और इसमें विशेष उत्साह दिखाया।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
