Shivpuri News: करेरा में अवैध ब्लास्टिंग से ग्रामीणों के घरों पर गिरे पत्थर, प्रशासन ने क्रेशर किया सील

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की करेरा तहसील में पत्थरों के उत्खनन से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। बीते दिन, क्रेशर संचालक द्वारा की गई डायनामाइट ब्लास्टिंग के कारण बड़े-बड़े पत्थर उड़कर ग्रामीणों के घरों पर जा गिरे, जिससे संपत्ति का भारी नुकसान हुआ। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार रात कोटा-झांसी फोरलेन पर करीब डेढ़ घंटे तक चक्काजाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

🏠 घरों की छतों पर गिरे जानलेवा पत्थर

ग्राम सिलारपुर के पास स्थित एक क्रेशर में पत्थर उत्खनन के लिए डायनामाइट का उपयोग किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, वे पहले भी इसकी शिकायत कर चुके हैं। देर शाम हुए तेज धमाके के बाद वजनदार पत्थर हवा में उछलकर रिहायशी इलाकों में जा गिरे, जिससे गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह पत्थर किसी इंसान पर गिरते, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

🚧 प्रशासन की कार्रवाई: क्रेशर हुआ सील

जाम की सूचना मिलते ही करेरा एसडीएम अनुराग निगवाल और टीआई दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और क्रेशर को तुरंत सील कर दिया। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि नियमों के विरुद्ध रात में ब्लास्टिंग करना पूरी तरह गैर-कानूनी है।

“यह क्रेशर चंद्रभान सिंह सिसोदिया के नाम से आवंटित पट्टे की भूमि पर संचालित था। हमने इसे फिलहाल सील कर दिया है। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लीज निरस्त करने और क्रेशर को स्थाई रूप से बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर को भी मामले से अवगत करा दिया गया है।” — अनुराग निगवाल, एसडीएम, करेरा

⚖️ जांच का आश्वासन, जाम हुआ समाप्त

अधिकारियों द्वारा ठोस कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया और जाम खुलवाया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस जाम के कारण सैकड़ों वाहन और यात्री बसें फंसी रही थीं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा है।

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