रांची/देवघर: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा रविवार को झारखंड के 21 शहरों में स्थित 67 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की गई। इस परीक्षा में राज्यभर से 30 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। राजधानी रांची में सर्वाधिक 21 केंद्र बनाए गए थे, जहाँ 10 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने अपनी किस्मत आजमाई।
🛡️ कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था
परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे। रांची के एसडीओ कुमार रजत ने परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू की थी, जिससे अनावश्यक भीड़भाड़ पर पूरी तरह रोक रही। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए इन्हें विशेष सुरक्षा घेरे में वायु मार्ग से रांची पहुँचाया गया था।
⏱️ बायोमेट्रिक सत्यापन और 195 मिनट का समय
इस बार परीक्षा की अवधि 195 मिनट निर्धारित की गई थी, जो सामान्य समय से 15 मिनट अधिक थी। एनटीए ने यह अतिरिक्त समय बायोमेट्रिक सत्यापन और हस्ताक्षर जैसी आवश्यक औपचारिकताओं के लिए दिया था। प्रवेश से पहले हर अभ्यर्थी की सघन जांच की गई, जिसमें पहचान पत्रों का सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया अनिवार्य थी।
🤝 अभिभावकों और छात्रों की प्रतिक्रिया
पुनर्परीक्षा को लेकर छात्रों में शुरुआत में थोड़ी चिंता जरूर थी, लेकिन केंद्र पर की गई व्यवस्था से वे आश्वस्त दिखे। अभिभावकों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन की निगरानी में यह परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी रहेगी और किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होगा। छात्रों का मानना है कि अतिरिक्त समय मिलने से उन्हें तैयारी को बेहतर करने का अवसर मिला।
📍 देवघर और अन्य जिलों में स्थिति
देवघर सहित हजारीबाग, बोकारो, जमशेदपुर और धनबाद के केंद्रों पर भी जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। अधिकारियों ने परीक्षा शुरू होने से पूर्व सभी केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और दंडाधिकारियों की तैनाती के जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित रहे।
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