रायपुर: बुधवार शाम राजधानी रायपुर में भाजपा और कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुए भारी बवाल के बाद पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए कांग्रेस के 12 नामजद नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर पथराव करने का गंभीर आरोप है। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों की ओर से कांच की बोतलें, लकड़ियां और जूते भी फेंके गए, जिसकी वजह से लगभग 16 पुलिस कर्मचारी और अधिकारी घायल हो गए हैं। खम्हारडीह थाना प्रभारी भावेश कुमार गौतम की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
⚖️ शासकीय कार्य में बाधा और बल प्रयोग का मामला दर्ज
पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक, कांग्रेस के 12 नेता और कार्यकर्ताओं पर शासकीय कर्तव्य के निर्वहन में बाधा उत्पन्न करने का आरोप है। शिकायत में बताया गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक राय होकर जानबूझकर शासकीय कार्य में रुकावट डाली, लोक सेवकों के कर्तव्यों में बाधा पहुंचाई और उनके साथ बल प्रयोग किया। कानून व्यवस्था को भंग करने और शांति बिगाड़ने के प्रयास के चलते यह सख्त कदम उठाया गया है।
🛡️ मध्य जोन ADCP का बयान: झड़प में 16 पुलिसकर्मी हुए घायल
मध्य जोन के एडीसीपी (ADCP) तारकेश्वर पटेल ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जब भाजपा कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (राजीव भवन) का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे, तो राजीव भवन के पास भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और बड़ा बवाल हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन (पानी की बौछार) और आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े। इसी गहमागहमी के बीच कांग्रेस के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस बल पर पथराव कर दिया तथा कांच की बोतलें और जूते फेंके। इस हिंसक झड़प में पुलिस के करीब 16 अधिकारी और जवान जख्मी हो गए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है।
🏛️ राजीव भवन घेराव के ऐलान के बाद गरमाई थी सियासत
गौरतलब है कि दिल्ली में कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री आवास के घेराव के विरोध में भाजपा ने रायपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन के घेराव का ऐलान किया था। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खम्हारडीह थाना, पुलिस लाइन और अन्य थानों से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हो गए। जिन 12 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है, उनमें सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी, अजीत कुकरेजा, हनी बग्गा, शांतनु झा, गावेश साहू, खूबी डहरिया, सागर दुल्हनी, अजीज भिनसरा, अमित तिवारी और अन्य लोग शामिल हैं।
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