रांची: हैवी इंजीनियरिंग कार्पोरेशन (HEC) के पुनरुद्धार को लेकर लगातार उठ रही आवाजों के बीच भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. दिल्ली में तीन दिवसीय सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ की बैठक संपन्न हुई. इसमें देशभर की 72 विभिन्न इकाइयों से करीब 150 पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया. झारखंड की एचईसी इकाई से दो प्रतिनिधि रमा शंकर प्रसाद और रविकांत ने इसमें भाग लिया.
बैठक में एचईसी को लेकर जताई चिंता
बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और उनके समाधान पर व्यापक चर्चा की गई. इसी दौरान एचईसी की स्थिति को लेकर विशेष रूप से चिंता जताई गई. अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि एचईसी जैसे रणनीतिक और ऐतिहासिक संस्थान को बचाना आवश्यक है. क्योंकि यह देश की औद्योगिक क्षमता और रक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
प्रतिनिधियों ने इसी उद्देश्य से एचईसी के लिए एक विशेष कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है. यह कमेटी जल्द ही केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रियों से मुलाकात कर संस्थान को पुनर्जीवित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग करेगी.
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री से हुई बैठक
बैठक के दौरान एचईसी को लेकर एक और बड़ा संवाद आयोजित हुआ. बीएमएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों और केंद्रीय नेताओं ने रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ से विस्तृत बातचीत की. करीब दो घंटे चली इस बैठक में बीएमएस की ओर से बी सुरेंद्र (अखिल भारतीय संगठन मंत्री), अनुपम (क्षेत्रीय संगठन मंत्री उत्तर मध्य क्षेत्र एवं वरिष्ठ प्रचारक), अनिश मिश्रा (सह वित्त सचिव), रमा शंकर प्रसाद (महामंत्री, HEC मजदूर संघ एवं प्रदेश मंत्री, झारखंड) और रविकांत (उपाध्यक्ष) उपस्थित थे.
मंत्री ने दिया सकारात्मक पहल का आश्वासन
संघ के अधिकारी रमाशंकर ने बताया एचईसी के वित्तीय संकट, कार्य संचालन में बाधा, पेंडिंग प्रोजेक्ट, कर्मचारियों के भविष्य और रक्षा उत्पादन से जुड़े संभावित अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई. मंत्री संजय सेठ ने प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सरकार एचईसी के मसले पर सकारात्मक पहल के लिए तैयार है.
बैठक में यह भी संकेत मिला कि जल्द ही एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाएगी. जिसमें एचईसी को मजबूत करने, कर्मचारियों को राहत देने और नए कामों के आवंटन को लेकर ठोस निर्णय लिए जा सकते हैं. भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि सरकार के साथ होने वाली आगामी चर्चाओं में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और एचईसी एक बार फिर देश के औद्योगिक नक्शे पर मजबूती से स्थापित होगा.
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