मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित प्रसाद अस्पताल में हुई एक हृदयविदारक घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। अस्पताल में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग और उसके बाद फैली अव्यवस्था के चलते 6 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। घटना के बाद से ही मृतकों के परिजनों में गहरा आक्रोश है। इस मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित (रद्द) कर दिया है और प्रबंधन से 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
🏥 घोर लापरवाही की दास्तान: ICU में भरा धुआं और फरार हुए कर्मचारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार तड़के अस्पताल की 5वीं मंजिल पर स्थित ICU में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। देखते ही देखते पूरी मंजिल धुएं से भर गई। आरोप है कि घटना के समय अस्पताल के कर्मचारी मरीजों को असहाय छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए। फायर ब्रिगेड के महानिदेशक शोभा आहोटकर ने पुष्टि की है कि सभी 6 लोगों की मौत जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई है। हादसे में करीब 31 लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
⛔ सुरक्षा मानकों की अनदेखी: लिफ्ट बंद और इमरजेंसी सीढ़ियों पर जड़ा था ताला
जांच में सामने आया है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर केवल खानापूर्ति थी। आग के दौरान लिफ्ट ने काम करना बंद कर दिया था और सबसे गंभीर बात यह कि अस्पताल की इमरजेंसी सीढ़ियों (Emergency Exits) पर ताला जड़ा हुआ था, जिससे मरीजों का निकलना नामुमकिन हो गया। प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की इस घोर अनदेखी को अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने का मुख्य आधार बनाया है।
🚔 पुलिस की कार्रवाई: 3 कर्मचारी गिरफ्तार, जांच जारी
इस मामले में पुलिस ने कठोर रुख अपनाते हुए अस्पताल के 3 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर सबूतों के साथ जवाब पेश करने को कहा है। जिला जनसंपर्क अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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