बिहार में चुनावी सभाओं का दौर जोरों पर है. एक-एक दिन में एक नेता कई-कई सभाएं कर रहा है, जिसके लिए एयर रूट का इस्तेमाल किया जा रहा है और इसी कारण एयरपोर्ट पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं का आमना-सामना भी हो रहा है. जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव और भाजपा सांसद रवि किशन को शुक्रवार को पटना हवाई अड्डे पर एक साथ देखा गया.
दोनों नेताओं को साथ देखते ही लोगों में चर्चाएं और अटकलें तेज हो गई हैं. जब तेज प्रताप यादव और रवि किशन बातचीत करते हुए बाहर निकले, तो मीडिया ने उन्हें घेर लिया और अटकलें लगाने लगे कि क्या पूर्व राजद नेता, जो कभी BJP-RSS के कट्टर आलोचक थे, का किशन के साथ दिखना किसी नए राजनीतिक समीकरण का संकेत तो नहीं है.
चुनावी प्रचार के दौरान हुई मुलाकात
बता दें कि दिन भर के ताबड़तोड़ सभाओं के बाद दोनों पटना हवाई अड्डे पर उतरे थे. तेज प्रताप यादव जनशक्ति जनता दल के उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं. बता दें लालू प्रसाद द्वारा राजद से निष्कासित होने के बाद ये उनका अपना दल है.
वहीं किशन ने पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण ज़िलों में रैलियों को संबोधित किया, जहां उन्होंने NDA उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे.
पीएम मोदी और बीजेपी के दरवाजे खुले
जब मीडिया कर्मियों ने रवि किशन से पूछा कि क्या कुछ संभव है, तो उन्होंने कहा कि कुछ भी हो सकता है, बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोलेनाथ के उन सभी भक्तों के लिए अपने दरवाजे खुले रखते हैं जो निस्वार्थ सेवा में समर्पित हैं और किसी निजी स्वार्थ के लिए राजनीति में नहीं हैं.
पत्रकारों के सवाल पर क्या बोले तेज प्रताप
पत्रकारों के सवालों पर तेज प्रताप ने कहा, “बस मैं रवि किशन से पहली बार मिल रहा हूं. बेशक, भगवान शिव की भक्ति के मामले में हम दोनों एकमत हैं. हम दोनों माथे पर टीका लगाते हैं.”
तेज प्रताप से जब पूछा गया कि वह क्या भाजपा का साथ दे सकते हैं, तब उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया. बल्कि कहा, “जो भी बेरोजगारी दूर करेगा, मैं उसके साथ हूं” जब उनसे फिर से कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं से मिल रही प्रशंसा के बारे में पूछा गया, तो किशन ने बीच में आकर कहा, “यह उनका दिल है जो लोगों की प्रशंसा अर्जित कर रहा है.”
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