Jharkhand Health Department: रिम्स में मेडिकल एडमिशन में अनियमितता; स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर CID की बड़ी कार्रवाई

झारखण्ड

रांची: राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मेडिकल सीट आवंटन और नामांकन में हुई गड़बड़ियों का मामला अब गहरा गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी (CID) ने जांच अपने हाथों में ले ली है। बुधवार को सीआईडी की एक विशेष टीम रिम्स पहुंची और डीन कार्यालय सहित विभिन्न विभागों के दस्तावेजों की गहन छानबीन शुरू कर दी है।

📂 नामांकन और टेंडर में धांधली के आरोप

सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, यह जांच पिछले शैक्षणिक सत्र में हुए एडमिशन और टेंडर प्रक्रिया में बरती गई कथित अनियमितताओं को लेकर की जा रही है। मुख्य रूप से यह शिकायत मिली थी कि नामांकन के दौरान नियमों को ताक पर रखकर अयोग्य छात्रों को दाखिला दिया गया। रिम्स प्रबंधन पर यह भी आरोप है कि टेंडर प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता नहीं बरती गई, जिसकी शिकायतें काफी समय से मिल रही थीं।

📋 स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर हुई कार्रवाई

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस पूरी प्रक्रिया पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उन्हें काउंसलिंग के दौरान फर्जी कागजात जमा करने की गंभीर शिकायतें मिली थीं। उन्होंने इन शिकायतों के आधार पर राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में जांच की सिफारिश की थी। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कठोर कार्रवाई होगी।

⚖️ क्या है आगे की राह?

सीआईडी की टीम द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच में इस बात पर विशेष फोकस है कि किन स्तरों पर नियमों का उल्लंघन हुआ और इसमें कौन-कौन से अधिकारी या बाहरी तत्व शामिल थे। रिम्स प्रशासन के लिए यह जांच न केवल एक प्रशासनिक चुनौती है, बल्कि संस्थान की साख को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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