रतलाम: विजयादशमी का दिन इस बार रतलाम के नेहरू स्टेडियम में मजाक बन गया। नगर निगम के रावण दहन का आयोजन इतना अव्यवस्थित और हास्यास्पद साबित हुआ कि लोग भी इसे देखकर हंसते-हंसते फोटो खींचते रहे और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
पहला प्रयास: आग लगी, लेकिन रावण अडिग
आग लगते ही रावण के पैरों में लपटें भड़क उठीं। पटाखों की आवाजें भी आईं, लेकिन जैसे ही आग कमर तक पहुंची, लपटें ठंडी पड़ गईं। जनता ने हंगामा मचाया और लोग बेसब्री से इंतजार करने लगे।
दूसरा प्रयास: कमर के ऊपर भी रावण नहीं झुका
नगर निगम की क्रेन आई और पेट्रोल डालकर रावण के सिर के पीछे आग लगाई गई। हालांकि इस बार केवल बीच का हिस्सा ही जला। जनता और मंच पर बैठे नेताओं के चेहरे लटक गए।
तीसरा प्रयास: जनता ने निगम पर चिल्लाए भ्रष्टाचार के नारे
एक निगमकर्मी ने क्रेन के सहारे रावण के धड़ को नीचे गिराया, लेकिन 9 सिरों वाला रावण अब भी अडिग खड़ा रहा। मंत्री चैतन्य काश्यप, मेयर और अधिकारी सभी मैदान छोड़ चुके थे। लोग भी चले गए। केवल रावण बचा और जनता ने नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए।
अव्यवस्था और सुरक्षा की बड़ी चूक
जनता के बीच से गुजर रहे करंटेड तार, जिससे कुछ दिन पहले ही एक बच्चे की मौत हो चुकी थी।
रतलाम का यह रावण दहन आयोजन सिर्फ पुतले को नहीं बल्कि नगर निगम की छवि को भी जला गया। जनता की नाराजगी और भ्रष्टाचार के नारे इस आयोजन की सबसे बड़ी ध्वनि बन गए।
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