सीहोर में प्रशासनिक दावों की खुली पोल, उफनते नाले के बीच कमर तक पानी में जान जोखिम में डालकर निकली शवयात्रा

मध्य प्रदेश

सीहोर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर ब्लॉक से एक दिल को झकझोर देने वाली और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है।

यहाँ एक अंतिम यात्रा को उफनते नाले के पानी के बीच से जान जोखिम में डालकर निकालना पड़ा। इस हृदयविदारक घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें गांव के कुछ ग्रामीण शव को कंधे पर उठाकर कमर तक भरे पानी के बीच नाला पार करते नजर आ रहे हैं। मूसलाधार बारिश के उपरांत सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर हो जाने के कारण शव वाहन श्मशान घाट तक पहुंचने में असमर्थ रहा, जिसके पश्चात मजबूर परिजनों एवं ग्रामीणों ने कंधों पर ही शव को उठाकर अंतिम यात्रा पूर्ण की।

🌊 पक्की सड़क और पुल के अभाव में उफनता नाला बना आफत, कचनारिया गांव का मामला

यह घटनाक्रम सीहोर जिले की ग्राम पंचायत मूडला खुर्द क्षेत्र के कचनारिया गांव का है।

जानकारी के अनुसार, गांव में एक बुजुर्ग महिला का आकस्मिक निधन हो गया था। परिजनों ने जब अंतिम संस्कार की तैयारियां कीं, तो गांव में पक्की सड़क न होने और श्मशान घाट के मार्ग में पड़ने वाले बरसाती नाले के उफान पर होने के कारण भीषण बाधा उत्पन्न हो गई। नाले पर पुल न होने से मजबूर होकर ग्रामीणों को गहरे पानी के बीच उतरकर शवयात्रा निकालनी पड़ी।

🏛️ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र में बदहाली, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र संसदीय दृष्टिकोण से विदिशा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहाँ से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सांसद हैं।

इसके साथ ही, यह क्षेत्र प्रदेश के राजस्व मंत्री करण वर्मा का गृह विधानसभा क्षेत्र भी है। दिग्गज जन प्रतिनिधियों के क्षेत्र में बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार हेतु ग्रामीणों को जो कष्ट सहना पड़ा, वह शासन-प्रशासन के विकास के दावों की धज्जियां उड़ाता प्रतीत होता है। श्मशान घाट तक जाने के लिए नाले पर एक पुलिया तक का निर्माण न होना प्रशासनिक उपेक्षा को उजागर करता है।

⚠️ जरा सी चूक से हो सकता था बड़ा हादसा, गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन पर निकाला भड़ास

उफनते नाले के तेज जलप्रवाह के बीच ग्रामीणों द्वारा शव को कंधा देकर नाला पार करने का दृश्य बेहद भयावह था।

इस जानलेवा सफर के दौरान जरा सी चूक किसी बड़ी अनहोनी या हादसे का कारण बन सकती थी, किंतु असहाय ग्रामीणों के समक्ष इसके अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प उपलब्ध नहीं था। आखिरकार बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। इस दौरान ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया और वे मूलभूत सुविधाओं के अभाव के लिए स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को कोसते नजर आए।

🗣️ “चुनाव में वोट मांगने आते हैं नेता, विकास नदारद”: ग्रामीणों का दर्द; तहसीलदार ने दिए जांच के आदेश

गांव के स्थानीय निवासी आकाश ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “कई वर्षों से इस मार्ग के निर्माण की मांग की जा रही है, किंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो आ जाते हैं, लेकिन सड़क और पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाएं देने की बात कोई नहीं करता।”

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इछावर तहसीलदार आकाश महंत ने बताया, “मुझे बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार के दौरान जलभराव और नाला पार करने के वीडियो की जानकारी प्राप्त हुई है। एक राजस्व टीम को मौके पर भेजकर मामले की वस्तुस्थिति की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

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