Miyazaki Mango in Hazaribagh: हजारीबाग की छत पर उगा दुनिया का सबसे महंगा आम; जानें मियाजाकी की खासियत

झारखण्ड

हजारीबाग: हजारीबाग के एक सेवानिवृत्त व्यक्ति जयराम शर्मा ने असंभव को संभव कर दिखाया है। उन्होंने अपने घर की छत पर दुनिया की सबसे दुर्लभ और महंगी प्रजाति ‘मियाजाकी आम’ की खेती सफलतापूर्वक की है। जापान के मियाजाकी प्रांत में उत्पन्न होने वाला यह आम, जिसे ‘सूरज का अंडा’ (ताई-नो-तामागो) भी कहा जाता है, अब हजारीबाग की जलवायु में फल-फूल रहा है।

💎 क्यों है मियाजाकी इतना खास?

मियाजाकी आम न केवल अपने आकर्षक गहरे बैंगनी रंग के लिए जाना जाता है, बल्कि यह स्वाद और पोषण में भी बेजोड़ है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है। इस आम में एंटीऑक्सीडेंट्स, बीटा-कैरोटीन और फोलिक एसिड की भरपूर मात्रा होती है, जो इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बहुत कीमती बनाती है।

🏡 3 साल की मेहनत और छत पर खेती

पुराने सदर ब्लॉक के निवासी जयराम शर्मा ने 3 साल पहले ऑनलाइन मियाजाकी का पौधा मंगवाया था और इसे एक ड्रम में लगाया था। इस बार उनके पेड़ पर 5 शानदार फल आए हैं। उनका कहना है कि वे इस आम को बेचना नहीं चाहते, बल्कि इस दुर्लभ फल का स्वाद खुद लेकर इसे यादगार बनाना चाहते हैं।

👨‍🌾 किसानों के लिए नई उम्मीद

जयराम शर्मा के बेटे का मानना है कि यदि इसे छत पर गमले/ड्रम में उगाया जा सकता है, तो हजारीबाग के किसान अपने खेतों में भी इसकी व्यावसायिक खेती कर सकते हैं। हजारीबाग का मौसम मियाजाकी के लिए उपयुक्त है। अगर किसान इस महंगी प्रजाति को अपने खेतों में लगाएं, तो वे अपनी आय में कई गुना इजाफा कर सकते हैं।

🔬 मियाजाकी: एक परिचय

  • उत्पत्ति: जापान (मियाजाकी प्रांत)।

  • उपनाम: ‘ताई-नो-तामागो’ या ‘सूरज का अंडा’।

  • वजन: सामान्यतः 350 से 900 ग्राम।

  • खासियत: अत्यधिक मिठास, गहरा बैंगनी रंग और उच्च पोषण मूल्य।

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