Jabalpur News: मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों से रैगिंग करना पड़ा भारी, 8 छात्रों पर गिरी गाज, कॉलेज प्रबंधन की सख्त कार्रवाई

मध्य प्रदेश

जबलपुर: कुछ सालों पहले तक इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों से रैगिंग के अनगिनत मामले सामने आते थे. जहां कई बार रैगिंग के डर से छात्रों ने आत्मघाती कदम तक उठाए, लेकिन प्रशासन की सख्ती के बाद कॉलेजों में रैगिंग को बैन किया गया और ऐसा करने वाले छात्रों पर कार्रवाई की गई. वहीं एक बार फिर कुछ ऐसा ही मामला जबलपुर के सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज से सामने आया है. जहां एक छात्र ने अपने कॉलेज के थर्ड ईयर के छात्रों पर रैगिंग का आरोप लगाया. कॉलेज प्रशासन ने कार्रवाई कर 8 छात्रों को 6 माह के लिए सस्पेंड कर दिया है.

जबलपुर सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में रैगिंग

जबलपुर के सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस (MBBS) फर्स्ट ईयर के एक जूनियर छात्र ने शिकायत की थी कि वह हॉस्टल क्रमांक 1 में रहता है. हॉस्टल के ही एमबीबीएस थर्ड ईयर के 8 छात्रों ने उसके साथ रैगिंग की है. मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर नवनीत सक्सेना ने बताया कि “हमें जैसे ही इस बात की शिकायत मिली, तो तुरंत ही जांच शुरू कर दी गई. जांच के दौरान आठ छात्रों को रैगिंग का दोषी पाया गया.

रैगिंग करने वाले 8 छात्रों को किया सस्पेंड, लगाया जुर्माना

डॉ नवनीत सक्सेना ने इन 8 छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. इन सभी छात्रों को हॉस्टल से निकाल दिया गया है. कॉलेज से भी 6 माह के लिए सस्पेंड कर दिया गया है. इसके साथ ही इन लोगों के खिलाफ 10000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. उन्होंने बताया कि हम इन सभी दोषी छात्रों के अभिभावकों को भी बुला रहे हैं. हालांकि इन लड़कों ने माफी मांगी है, लेकिन कॉलेज में रैगिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

इसीलिए यह कदम उठाया गया है. डॉक्टर नवनीत सक्सेना का कहना है कि जब छात्र एडमिशन लेते हैं, तभी वह एक शपथ पत्र भर के देते हैं कि कभी भी कॉलेज में रैगिंग नहीं लेंगे, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटना शर्मनाक है.

कुछ दिन पहले एक छात्र ने की थी आत्महत्या

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने 18 नवंबर 2021 को एक राजपत्र प्रकाशित किया था. जिसमें एंटी रैगिंग को लेकर कानून बनाया गया था. यह कार्रवाई इसी नियम के तहत की गई है. जबलपुर सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में बीते दिनों एक छात्र ने आत्महत्या कर ली थी. हालांकि जांच के दौरान इस छात्र की मानसिक स्थिति ठीक नहीं पाई गई थी. उस दौरान भी यह सवाल उठा था कि सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग होती है. कॉलेज प्रबंधन ने बताया था कि हमने हर स्थान पर कैमरे लगाए हुए हैं, जिनकी लगातार निगरानी होती है.

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