कोलकाता: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। पीएम मोदी ने योग की इस प्राचीन विद्या के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानवीय एकता का सबसे सशक्त आधार है।
📜 बंगाल की धरती से आध्यात्मिक आह्वान
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की पवित्र भूमि पर योग दिवस मनाना विशेष आध्यात्मिक अनुभूति है। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद जैसे महान संतों और योगियों का स्मरण करते हुए कहा कि इन्हीं महापुरुषों ने दुनिया को योग और भारतीय संस्कृति का परिचय करवाया। पीएम ने आगे कहा कि आज हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक पूरा देश योग की सकारात्मक ऊर्जा से चैतन्य हो उठा है।
🌟 ‘योग केवल शारीरिक श्रम नहीं’
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि योग किसी खास आयु वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव चेतना और ऊर्जा का प्रकाश है। महर्षि अरविंद के विचारों को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा पूरा जीवन ही योग है, चाहे हमें इसका बोध हो या न हो। जब योग हमारे स्वभाव का हिस्सा बन जाता है, तो यह विश्व को जोड़ने का कार्य करता है। 21 जून, जो पृथ्वी पर वर्ष का सबसे लंबा दिन माना जाता है, आज योग के माध्यम से विश्व के सबसे बड़े सामूहिक उत्सव का दिन बन चुका है।
🎯 इस वर्ष की विशेष थीम: ‘हेल्दी एजिंग के लिए योग’
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 12वें संस्करण की इस वर्ष की थीम ‘हेल्दी एजिंग के लिए योग’ (स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग) रखी गई है। यह थीम जीवन के हर पड़ाव पर स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने में योग की महती भूमिका को रेखांकित करती है। यह वैश्विक स्तर पर बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के संकल्प को दर्शाती है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
