Omkareshwar Rescue: ‘वर्दी की परवाह किए बिना नदी में लगाई छलांग’, ओंकारेश्वर में देवदूत बने SDRF जवान और नाव चालक

खंडवा

खंडवा/ओंकारेश्वर: तीर्थनगरी ओंकारेश्वर (Omkareshwar) में राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (SDRF) के एक जवान और नाव चालक की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया और एक युवक की जान बच गई। यह घटना गुरुवार सुबह करीब 9 बजे ब्रह्मपुरी घाट की है। यहां इंदौर के रिंग रोड निवासी 19 वर्षीय युवक सिद्धार्थ (पिता विनोद) नर्मदा नदी में स्नान के दौरान अचानक गहरे पानी में जाने से डूबने लगा। घाट पर ड्यूटी पर तैनात एसडीईआरएफ (SDRF) जवान महेश रावत ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए अपनी वर्दी की परवाह किए बिना तत्काल ‘लाइफ बॉय’ (Lifebuoy) लेकर नर्मदा नदी में छलांग लगा दी।

नाव चालक ने भी दिया साथ, एक हफ्ते में हो चुके हैं 4 हादसे

ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के उथले और गहरे पानी का अंदाजा न होने के कारण लगातार डूबने की घटनाएं सामने आ रही हैं। श्रद्धालु नदी की गहराई समझ नहीं पाते और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। बीते एक सप्ताह के भीतर यहां चार हादसे हो चुके हैं, जिनमें दो लोगों की जान जा चुकी है, जबकि तीन लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। गुरुवार को भी जब युवक गहरे पानी में डूबने लगा, तो जवान महेश रावत के साथ ड्यूटी पर तैनात नाव चालक शिवा वर्मा ने भी त्वरित सक्रियता दिखाई। दोनों के समन्वित, साहसिक और त्वरित प्रयास से डूबते श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

परिजनों और श्रद्धालुओं ने माना रेस्क्यू टीम का आभार

युवक के सुरक्षित बाहर आने के बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने जवान व नाव चालक की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की और उनका आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि यदि बचाव में कुछ क्षणों का भी विलंब होता, तो निश्चित तौर पर एक बड़ा हादसा हो सकता था। होमगार्ड्स व एसडीईआरएफ के जिला सेनानी आशीष कुमार कुशवाहा ने इस सफल बचाव कार्य पर अपनी टीम के जवानों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि आपदा और जल राहत कार्यों में एक-एक सेकंड अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

प्रशासन की अपील: ‘आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है’

जिला सेनानी आशीष कुमार कुशवाहा ने ओंकारेश्वर आने वाले समस्त श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे नर्मदा स्नान के दौरान निर्धारित सुरक्षा सीमाओं (Safety Limits) का सख्ती से पालन करें। उन्होंने श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से बचने और घाटों पर तैनात एसडीईआरएफ, होमगार्ड एवं प्रशासनिक अमले द्वारा दिए जाने वाले सुरक्षा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करने की सलाह दी। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।” प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षित यात्रा और उनकी सकुशल घर वापसी सुनिश्चित करना है।

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