इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर शुक्रवार को भी युवाओं का धरना जारी रहा। यह आंदोलन अब धीरे-धीरे बड़ा रूप लेता जा रहा है। पहले जहां सिर्फ युवा इसमें शामिल हो रहे थे, वहीं अब कॉलेज के छात्र-छात्राएं, अभिभावक और समाज के अन्य वर्ग भी इस आंदोलन से जुड़ गए हैं। दिनभर बड़ी संख्या में लोग धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन देने में लगे हुए हैं। यहां युवा अपने हाथों में पोस्टर थामकर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।
📢 ‘मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य खतरे में’, युवाओं ने पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की उठाई मांग
धरना स्थल पर पूरे दिन युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य बुरी तरह प्रभावित होता है। युवाओं ने मांग की कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।
⚖️ वकीलों ने भी दिया आंदोलन को समर्थन, दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग
आंदोलन में शामिल छात्र-छात्राओं ने सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर जोर दिया है। धरना स्थल पर कुछ स्थानीय वकील भी पहुंचे और उन्होंने आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया।
🏛️ निष्पक्ष जांच की उठाई गई मांग, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े छात्र
वकीलों ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई होना बेहद जरूरी है। अभिभावकों ने भी अपने बच्चों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होकर चिंता जाहिर की और परीक्षा प्रणाली को भरोसेमंद बनाने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए जवाबदेही तय होना अत्यंत आवश्यक है। भंवरकुआं चौराहे पर जारी यह आंदोलन अब शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर एक व्यापक जन-आवाज बनता दिखाई दे रहा है।
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