नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नक्सलवाद और उसकी विचारधारा पर दिए गए बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है।
रविवार को एक विशेष संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के बयान पर कड़ा पलटवार किया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार ने देश से हथियारबंद नक्सलवाद को लगभग समाप्त कर दिया है, परंतु समाज में कुछ लोग आज भी वैचारिक और दिमागी रूप से ‘नक्सली’ बने हुए हैं।
🚩 बस्तर में अब लहरा रहा तिरंगा, जो नक्सलियों का समर्थन करते हैं वे खुद अर्बन नक्सल: रविशंकर प्रसाद
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम स्वयं को ‘दिमागी नक्सल’ बता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग देशविरोधी नक्सलियों की हरकतों को सही ठहराते हैं, वे वास्तव में अर्बन नक्सल (शहरी नक्सली) की मानसिकता रखते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि जिस बस्तर में कभी नक्सलियों का खौफ हुआ करता था, वहां आज गर्व से तिरंगा लहरा रहा है। मोदी सरकार की दृढ़ नीतियों के कारण नक्सलवाद और माओवाद का प्रभाव समाप्त हुआ है और बिहार का जहानाबाद जिला भी अब नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम्’ का निरंतर अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में राष्ट्रगीत को उसका वास्तविक गौरव व सम्मान मिला है।
🎤 लाल किले से क्या बोले थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी?
15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैचारिक माओवाद पर कड़ा प्रहार किया था:
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संस्थाओं में प्रभाव: दशकों तक माओवादी सोच के लोग सार्वजनिक जीवन और सरकारी समितियों में शामिल होकर देश की नीतियों को प्रभावित करते रहे।
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हथियारबंद नक्सलवाद पर नियंत्रण: देश को हथियारबंद नक्सल नेटवर्क और हिंसा से मुक्ति दिलाने में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है।
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दिमागी नक्सलवाद की चुनौती: भले ही बंदूकधारी नक्सली कमजोर हो गए हों, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ अभी भी समाज में विभाजन और हिंसा फैलाने के अवसर तलाश रहे हैं।
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अलगाव की अपील: विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को एकजुट होना होगा और ऐसी विघटनकारी ताकतों को पहचान कर अलग-थलग करना होगा।
💬 कांग्रेस नेताओं का तीखा पलटवार: चिदंबरम और जयराम रमेश ने उठाए सवाल
प्रधानमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की:
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पी. चिदंबरम: पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए तंज कसा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है।
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जयराम रमेश: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि पूर्व में जब संसद में ‘अर्बन नक्सल’ की परिभाषा पूछी गई थी, तो गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि ऐसी कोई आधिकारिक परिभाषा नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब लाल किले से राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए ‘दिमागी नक्सल’ जैसे शब्दों का उपयोग क्यों किया जा रहा है।
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