वफ्फ संशोधन बिल को लेकर जेपीसी की 5वीं बैठक चल रही है. इसमें एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी और आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर सवाल खड़े किए. दोनों नेताओं ने कहा कि जब मामला जेपीसी में है तो फिर गृह मंत्री वक्फ संशोधन बिल को लेकर बाहर बयान क्यों दे रहे हैं. संजय सिंह ने कहा कि क्या संसदीय समिति पर प्रेशर बनाने की कोशिश कर रहे हैं?
बैठक में दोनों सांसदों ने कहा कि उन्हें इस बात का अधिकार नहीं कि जब एक मामले में जेपीसी बनी हुई हो तो वो इस तरह के बयान दें. बैठक में गुरुवार सुबह लंच से पहले पटना की चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर फैजान मुस्तफा ने अपनी बात रखी. उन्होंने वक्फ बाय यूजर और वफ्फ ट्रिब्यूनल का समर्थन किया.
डीएम को पॉवर देने से मामला गड़बड़ हो सकता है
मुस्तफा ने कहा कि डीएम को सारी पॉवर देने से मामला गड़बड़ हो सकता है. वक्फ संशोधन बिल को लेकर केंद्र सरकार को सतर्कता बरतनी चाहिए. संशोधन वही किए जाएं जो सही हों और जिन पर सबकी सहमति हो. मुस्तफा के अलावा ऑल इंडिया मुस्लिम पसमांदा महाज ने वक्फ संशोधन बिल के सामने अपनी बात रखी.
महाज का सरकार को समर्थन, कहा- संशोधन जायज
महाज ने वक्फ पर अपना समर्थन सरकार को दिया. संशोधन को जायज ठहराया. फिलहाल संसदीय समिति के सामने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अपनी बातों को रख रहा है. मीटिंग अभी चल रही है. इस बिल पर जेपीसी अलग-अलग स्टेक होल्डर और लोगों से बात कर रही है. सभी की राय ले रही है.
जेपीसी की चौथी बैठक से पहले यूपी की राजधानी लखनऊ में जुमे की नमाज के दौरान लोगों ने वक्फ में संशोधन का विरोध किया था. कुछ नमाजियों ने क्यूआर कोड के जरिए विरोध दर्ज कराने की बात कही थी. इस पर जेपीसी का बयान भी आया था. समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा गया था कि इसके लिए कोई क्यूआर कोड जारी नहीं किया गया है.
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