Indore Honor Killing Case: इंदौर के पहले ऑनर किलिंग मामले में कोर्ट का फैसला; तेजकरण भालसे हत्याकांड में 3 दोषियों को उम्रकैद

मध्य प्रदेश

इंदौर: इंदौर जिला कोर्ट ने भंवरकुआं थाना क्षेत्र में हुए शहर के पहले ऑनर किलिंग मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने वर्ष 2018 में हुए तेजकरण भालसे हत्याकांड के तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों में मृतक की पत्नी का भाई भी शामिल था।

🔪 लव मैरिज के बाद चाकू से गोदकर हत्या

साल 2018 में भंवरकुआं निवासी रिंकी भालसे ने तेजकरण भालसे के साथ प्रेम विवाह किया था। इस शादी से रिंकी का भाई अरुण भालसे बेहद नाराज था। आरोप है कि अरुण अपने साथी शिवराम भालसे और एक अन्य नाबालिग के साथ तेजकरण के घर पहुंचा। वहां उसने तेजकरण पर या तो अपनी बहन को वापस भेजने या हर्जाने में पैसे देने का दबाव बनाया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने तेजकरण पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

🛡️ बीच-बचाव के प्रयास भी रहे नाकाम

इस हमले के दौरान तेजकरण के दोस्त मोनू और उसकी पत्नी रिंकी ने बीच-बचाव करने की पूरी कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और चाकू से घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल तेजकरण को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। भंवरकुआं पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था और जांच के बाद साक्ष्यों सहित कोर्ट में पेश किया।

⚖️ अभियोजन की दलील और कोर्ट का फैसला

अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी आरती भदोरिया ने बताया कि कोर्ट ने पुख्ता साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला इंदौर के कानूनी इतिहास में ऑनर किलिंग के खिलाफ एक बड़ा संदेश है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry