भोपाल: ट्रेन में सफर के दौरान एसी खराब होने या पर्याप्त कूलिंग न मिलने की समस्या से यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। यात्रियों को बेहतर और निर्बाध एसी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भोपाल स्थित ‘कोच रिहैबिलिटेशन वर्कशाप’ (CRWS) ने कमर कस ली है। रेलवे ने इसके लिए करीब 14.65 करोड़ रुपये की एक वृहद योजना तैयार की है, जिसके तहत अगले 24 महीनों में 527 एलएचबी (LHB) कोचों के एसी सिस्टम की मरम्मत की जाएगी।
🛠️ आरएमपीयू (RMPU) और कंट्रोल पैनलों की ओवरहालिंग
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य फोकस कोच की छत पर लगे ‘रूफ माउंटेड पैकेज यूनिट’ (RMPU) पर है, जो कोच को ठंडा रखने का मुख्य जरिया है। इस योजना में:
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527 एलएचबी कोचों के 1054 आरएमपीयू की ओवरहालिंग होगी।
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एसी सिस्टम से जुड़े ‘कंट्रोल पैनलों’ की गहन जांच और मरम्मत की जाएगी।
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खराब पुर्जों को समय पर बदलकर एसी सिस्टम को पूरी तरह फिट रखा जाएगा।
🚆 लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्रियों को होगा सबसे अधिक लाभ
एलएचबी कोचों का उपयोग मुख्य रूप से राजधानी, शताब्दी और अन्य लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों में किया जाता है। नियमित ओवरहालिंग से न केवल इन कोचों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि सफर के दौरान अचानक एसी बंद होने या तकनीकी खराबी आने जैसी घटनाओं में भारी कमी आएगी। इससे यात्रियों को लंबे सफर में एक आरामदायक और वातानुकूलित वातावरण मिल सकेगा।
⚙️ तकनीकी विश्वसनीयता और कोचों की लंबी उम्र
रेलवे के इस कदम से न केवल यात्रियों का यात्रा अनुभव बेहतर होगा, बल्कि कोचों के रखरखाव का खर्च भी कम होगा और उनकी उम्र (Service Life) में भी वृद्धि होगी। नियमित रखरखाव से एसी सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ेगी, जिससे बार-बार आपातकालीन मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ेगी और ट्रेन का सुगम संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
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