Election Commission: SIR को लेकर चुनाव आयोग सख्त, राज्यस्तरीय बैठक में अधिकारियों को दिए गए ये कड़े निर्देश

मुख्य समाचार

रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तैयारियां तेज हो गई हैं. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर राज्य निर्वाचन विभाग ने सभी स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है.

शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में SIR शुरू होने से पहले की जाने वाली तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई और कई जरूरी निर्देश दिए गए.

बीएलओ की कार्यप्रणाली की भौतिक समीक्षा होगी

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर खुद बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की जानकारी वाले स्टिकर लगे हैं या नहीं, इसकी भौतिक जांच करें. उन्होंने कहा कि बीएलओ उन घरों को नोशनल (काल्पनिक) नंबर अवश्य दें जहां अभी मकान संख्या नहीं है. साथ ही बीएलओ रजिस्टर में हर घर का हाउस नंबर, 18 वर्ष पूर्ण कर चुके सदस्यों के नाम और घर के मुखिया का नाम अनिवार्य रूप से दर्ज होना चाहिए.

पैरेंटल मैपिंग पर विशेष जोर

बैठक में पैरेंटल मैपिंग को लेकर सबसे ज्यादा जोर दिया गया. के. रवि कुमार ने निर्देश दिए कि:

  • बीएलओ डोर-टू-डोर स्टिकर चिपकाते समय उन मतदाताओं को चिन्हित करें जिनकी अभी तक मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हुई है और तुरंत मैपिंग पूरा करें.
  • एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लिकेट मतदाताओं की सूची तैयार की जाए.
  • डुप्लिकेट मतदाता पहचान पत्रों को सिस्टम के माध्यम से 100 प्रतिशत चिन्हित कर हटा दिया जाए.
  • एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ एवं डुप्लिकेट की सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 से अनिवार्य रूप से प्रमाणित कराया जाए.

राजनीतिक दलों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ मतदान केंद्रों के नजरी नक्शे की सॉफ्ट कॉपी साझा की जाए. उन्होंने जोर देकर कहा कि “एक भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे” इसे लक्ष्य बनाकर काम किया जाए.

के. रवि कुमार ने आगे निर्देश दिया कि मैपिंग का बचा हुआ कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए. मैपिंग के दौरान कहीं कोई गलत मैपिंग तो नहीं हुई है, इसकी सघन जांच की जाए ताकि गहन पुनरीक्षण के दौरान लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी न्यूनतम रहे. बुक ए कॉल के माध्यम से आने वाले सभी कॉल का 48 घंटे के अंदर कॉल बैक कर मतदाताओं की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए.

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, ट्रेनिंग नोडल अधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर समेत सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry