प्रताप सरनाईक और नरेंद्र मेहता के बीच काशीमीरा चौक स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारूढ़ प्रतिमा को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. प्रतिमा की मरम्मत और संभावित स्थानांतरण को लेकर शुरू हुआ विवाद, अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदलता नजर आ रहा है. मामला तब तूल पकड़ा जब मीरा भाईंदर महानगरपालिका में बीजेपी ने बहुमत के साथ इस प्रतिमा को हटाने का प्रस्ताव पारित किया. इस प्रस्ताव का सदन में एकनाथ शिंदे की शिवसेना और कांग्रेस ने खुलकर विरोध किया.
🗳️ मनपा में बीजेपी का बहुमत, शिंदे सेना और कांग्रेस ने जताया विरोध
मीरा-भाईंदर महानगरपालिका में कुल 95 नगरसेवक हैं, जिसमें बीजेपी के 78 हैं, 13 कांग्रेस, एक निर्दलीय और 3 एकनाथ शिंदे की शिवसेना है. काशीमीरा के अश्वारूढ़ शिवाजी महाराज की प्रतिमा को हटाने का प्रस्ताव जब मनपा में पारित हुआ तो 95 में से कुल 79 नगरसेवकों ने इसे सहमति देकर पारित करा लिया. लेकिन सदन में शिंदे शिवसेना और कांग्रेस ने खुलकर इस प्रस्ताव का विरोध किया.
🏗️ शॉपिंग मॉल बनाने के लिए प्रतिमा हटाने की साजिश: प्रताप सरनाईक
शिंदे सेना के विधायक प्रताप सरनाईक ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि काशीमीरा में शॉपिंग मॉल बनाने के लिए करीब 30 साल पुरानी छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को मरम्मत के नाम पर हटाने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि मीरा-भाईंदर की सत्ताधारी भाजपा इस योजना के तहत प्रतिमा को स्थायी रूप से हटाना चाहती है. शिवसेना मीरा भयंदर शहर प्रमुख विक्रम प्रताप सिंह ने साफ कहा कि अगर प्रतिमा को हटाया गया तो शिवसेना भूमिपुत्रों के साथ सड़क पर उतरकर हंगामा करेगी.
❓ कैसे शुरू हुआ विवाद? मरम्मत या स्थानांतरण?
दरअसल हाल ही में मनपा की महासभा में प्रतिमा को मरम्मत के लिए हटाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया. प्रशासन के प्रस्ताव में ‘स्थानांतरण’ शब्द के उल्लेख ने शिवप्रेमियों में आशंका पैदा कर दी है. प्रताप सरनाईक का दावा है कि साल 2017 में नई प्रतिमा स्थापित करते समय ही पुराने पुतले को हटाने का शपथपत्र दिया गया था. शिवसेना ने आरोप लगाया कि जिस बैठक में मरम्मत का प्रस्ताव पारित हुआ, उसी में पास की जमीन पर शॉपिंग मॉल बनाने का भी प्रस्ताव पारित किया गया.
🛡️ नरेंद्र मेहता ने आरोपों को नकारा: ‘अनावश्यक राजनीति हो रही है’
वहीं भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रतिमा में दरारें आ गई हैं और विशेषज्ञों की सलाह से उसकी मरम्मत जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिमा को केवल अस्थायी रूप से हटाया जाएगा और मरम्मत के बाद उसी स्थान पर पुनः स्थापित किया जाएगा. उन्होंने कहा, “हम शिवाजी महाराज का सम्मान करने वाले लोग हैं. यदि प्रतिमा को नुकसान पहुंचता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”
😡 शिवप्रेमियों और मनसे (MNS) में बढ़ती नाराजगी
राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस ने भी प्रतिमा को हटाने का खुलकर विरोध किया है. एमएनएस का कहना है कि महाराज की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ अपमानजनक है. फिलहाल प्रशासन की ओर से अब तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मरम्मत के बाद प्रतिमा को मूल स्थान पर ही स्थापित किया जाएगा या कहीं और. इसी अनिश्चितता के चलते आने वाले दिनों में यह मुद्दा मीरा-भाईंदर की राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
