पीएम मोदी का वडोदरा से संबोधन: ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाएं और सोने की खरीदारी टालें, जानें क्या है वजह

देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे में दूसरी बार जंग के असर से बचने के लिए देशवासियों से बड़ी अपील की है. पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम अपनाने, सोने की खरीद पर रोक लगाने और डीजल-पेट्रोल के इस्तेमाल पर संयम बरतने की अपील की. इसके साथ ही पीएम मोदी ने स्वदेशी अपनाने और लोकल सामानों की खरीद पर जोर दिया है. पीएम मोदी ने सोमवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि मेरी देश के हर नागरिक से अपील है कि जहां तक संभव हो, पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करें. मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक इस्तेमाल करें और कार पुलिंग को बढ़ावा दें.

💻 डिजिटल टेक्नोलॉजी और वर्चुअल मीटिंग्स को दें प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी ने अब इतना कुछ आसान बना दिया है कि टेक्नोलॉजी की मदद भी हमारे लिए बहुत फायदेमंद होगी. ये जरूरी है कि सरकारी और प्राइवेट दोनों ही दफ्तरों में वर्चुअल मीटिंग्स और वर्क फ्रॉम होम की प्राथमिकता दी जाए. इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा, जो वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में देश के लिए आवश्यक है.

💰 सोने की खरीदारी टालने का आग्रह: विदेशी मुद्रा की होगी बचत

उन्होंने कहा कि सोने के आयात पर भी देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश जाता है. इसलिए, मैं आप सभी से, देशवासियों से आग्रह करूंगा कि जब तक हालात सामान्य न हो, हम सोने की खरीद को टालें. पीएम मोदी ने कहा कि देश का बहुत सारा पैसा सोने के इंपोर्ट पर खर्च होता है. मैं देश के लोगों से अपील करता हूं कि वे अभी सोने की खरीदारी टाल दें, क्योंकि इसकी अभी कोई तुरंत जरूरत नहीं है.

🇮🇳 ‘वोकल फॉर लोकल’ को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान

पीएम मोदी ने कहा कि आज समय की मांग है कि हम वोकल फॉर लोकल को एक जन-आंदोलन बनाएं. विदेशी सामान की जगह लोकल उत्पादों को अपनाएं. अपने गांव, अपने शहर, अपने देश के उद्यमियों को ताकत दें. हमें हर छोटे-बड़े प्रयास से ऐसे उत्पादों का उपयोग कम करना है जो विदेश से आते हैं और ऐसे व्यक्तिगत कामों से भी बचना है जिसमें विदेशी मुद्रा खर्च होती हो. हमें भारत के नागरिक के तौर पर अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देनी होगी.

🛡️ संकट की घड़ी में नागरिक निभाएं अपना दायित्व

उन्होंने कहा कि इससे पहले के दशकों में भी जब-जब देश युद्ध या किसी और अन्य बड़े संकट से गुजरा है, सरकार की अपील पर हर नागरिक ने अपना दायित्व निभाया है. आज भी जरूरत है कि हम सब मिलकर देश के संसाधनों पर पड़ने वाले बोझ को कम करें. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध से बनी परिस्थितियां इस दशक के बड़े संकटों में से एक हैं. सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि देश के लोगों पर इसका कम से कम असर हो.

🎓 स्टार्टअप इंडिया और स्किल्ड वर्कफोर्स पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारे युवाओं को सिर्फ़ अनुभव की कमी की वजह से डिग्री पूरी करने के बाद दिशाहीन नहीं रहना चाहिए. इसे ठीक करने के लिए, उन्हें अप्रेंटिसशिप के मौके दिए जा रहे हैं. आने वाले समय में, देश को इतनी बड़ी, स्किल्ड वर्कफोर्स मिलेगी जिसका सबसे बड़ा फ़ायदा मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर को होगा.” उन्होंने कहा कि गुजरात के युवाओं में उद्यम की जन्मजात भावना है और ‘स्टार्टअप इंडिया’ मिशन इन सपनों को हकीकत में बदल रहा है.

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