Crime Against Minor: नाबालिग से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास में कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी को 7 साल का सश्रम कारावास

छत्तीसगढ़

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: जिले में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के प्रयास के मामले में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय पेंड्रारोड ने कड़ा फैसला सुनाया है. न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए कुल 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी है.

गांव के कार्यक्रम में ले जाने का बहाना

यह मामला गौरेला थाना क्षेत्र के एक गांव का है. घटना 25 सितंबर 2024 की है. आरोपी 40 वर्ष से अधिक उम्र का है, गांव की ही एक नाबालिग लड़की को गांव में आयोजित न्योता कार्यक्रम में ले जाने का बहाना बनाकर शाम करीब 7 बजे घर से निकला.

रास्ते में की अश्लील हरकत

रास्ते में आरोपी ने पीड़िता के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं और उसके कपड़े उतार दिए. जब पीड़िता ने विरोध किया और चिल्लाई तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और घटना किसी को बताने पर हत्या करने की बात कही.

पीड़िता ने दिखाई बहादुरी

इस दौरान पीड़िता ने साहस दिखाते हुए आरोपी के हाथ को दांत से काट लिया और किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई. अगले दिन उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने परिजनों को दी.

पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई

परिजनों की शिकायत पर गौरेला थाना में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 8 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया.

पहले भी जा चुका है जेल

जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी एक अन्य मामले में जेल जा चुका है और घटना से कुछ महीने पहले ही जेल से बाहर आया था.

कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा

विशेष अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने आरोपी को पोक्सो एक्ट की धारा 9(ढ) एवं 10 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास और ₹2000 जुर्माने की सजा सुनाई. इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता की अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजा दी गई है.

इस मामले में शासन की ओर से विशेष अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने प्रभावी पैरवी की.

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