सरगुजा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसमें 3 लोगों की जान चली गई। मृतकों में दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार, तेज बारिश और हवाओं से बचने के लिए ये लोग एक आम के पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी पेड़ पर बिजली गिरी। इस हादसे में 12 साल की एक बच्ची गंभीर रूप से घायल भी हुई है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
📝 क्या है पूरा मामला?
हादसा सोमवार शाम चार बजे हुआ। मृतकों की पहचान राजपुर की 9 वर्षीय कुमारी रानी, 5 वर्षीय सागर और मवेशी चरा रहे किसान रामसाय के रूप में हुई है। बच्चे पेड़ के नीचे आम चुन रहे थे, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर व्याप्त है।
🛡️ आकाशीय बिजली से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय
मौसम विभाग और विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक के दौरान बरती गई सावधानी जान बचा सकती है:
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पेड़ के नीचे न छिपें: ऊंचे पेड़ या मोबाइल टावर बिजली गिरने का मुख्य निशाना होते हैं। पेड़ों के नीचे पनाह लेना बेहद खतरनाक है।
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खुली जगहों से बचें: खेत में काम करने वाले किसान और पशुपालक आंधी-तूफान शुरू होते ही किसी सुरक्षित पक्के मकान में चले जाएं।
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पानी से दूर रहें: स्विमिंग पूल, झील या नदी के आसपास न रहें, क्योंकि पानी बिजली का करंट बहुत दूर तक ले जा सकता है।
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इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: आंधी-तूफान आने से पहले टीवी, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
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सुरक्षित दूरी: घर के अंदर होने पर खिड़कियों, बाहरी दरवाजों और कंक्रीट की उन दीवारों से दूर रहें जिनमें मेटल रॉड हो सकती है।
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मेटल का उपयोग न करें: लोहे की छतरी या किसी भी धातु की वस्तु का उपयोग न करें।
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