रांची (झारखंड): वन्यजीवों की अवैध तस्करी और उनके अवैध शोषण के विरुद्ध रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन WILEP’ के अंतर्गत रांची रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
आरपीएफ की रांची पोस्ट टीम ने प्लेटफॉर्म पर नियमित चेकिंग अभियान के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनके पास से 5 जीवित सांप बरामद किए हैं। बरामद किए गए जीवों में 2 अत्यंत दुर्लभ लाल रेत बोआ (रेड सैंड बोआ / दोमुंहा सांप) और 3 विषधर चश्माधारी नाग (स्पेक्टेकल्ड कोबरा) शामिल हैं।
🔍 जांच अभियान के दौरान हड़कंप, बांस की टोकरियों से निकले रेड सैंड बोआ और चश्माधारी नाग
रेल पुलिस द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 13 अगस्त को रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर आरपीएफ के अधिकारी एवं जवान सतर्कतापूर्वक चेकिंग अभियान चला रहे थे।
इसी दौरान गश्ती दल की दृष्टि दो संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ी, जिनकी गतिविधियां असामान्य लग रही थीं। संदेह के आधार पर दोनों को रोककर पूछताछ की गई और उनके सामान की गहन तलाशी ली गई। पूछताछ में आरोपियों की पहचान आनंद नाथ और अर्जू के रूप में हुई है। जब सुरक्षा बलों ने उनके पास मौजूद बांस की टोकरियों को खोलकर जांच की, तो उनके भीतर जीवित व जहरीले सांप तैरते देख जवानों के होश उड़ गए।
🐍 जंगल से पकड़कर सार्वजनिक प्रदर्शन व तस्करी की थी योजना, वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों ने स्वीकार किया कि इन सांपों को उन्होंने वनांचल क्षेत्रों से अवैध रूप से पकड़ा था।
वे इन दुर्लभ एवं संरक्षित सांपों का सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन कर पैसे कमाने और कथित रूप से तस्करी की फिराक में थे। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत किसी भी वन्यजीव को पकड़ना, उनका परिवहन करना अथवा व्यावसायिक प्रदर्शन हेतु उपयोग करना एक गैर-जमानती एवं गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
🌲 RPF ने दोनों आरोपियों और बरामद सांपों को वन परिक्षेत्र अधिकारी (रांची) के सुपुर्द किया
मामले की संवेदनशीलता और वन्यजीव संरक्षण के कड़े नियमों को दृष्टिगत रखते हुए आरपीएफ ने बरामद सभी पांचों सांपों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और दोनों आरोपियों को अभिरक्षा में ले लिया।
तत्पश्चात आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों अभियुक्तों, पांचों जीवित सांपों तथा जब्ती सूची संबंधी दस्तावेजों को अग्रिम वैधानिक व कानूनी कार्रवाई हेतु वन परिक्षेत्र अधिकारी (Forest Range Officer), रांची के सुपुर्द कर दिया गया है।
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