दुबई से ऑपरेट हो रहा था कफ सिरप सिंडिकेट! सरगना शुभम की तलाश, गिरफ्तार अमित टाटा ने पूछताछ में खोला सिंडिकेट का राज

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उत्तर प्रदेश के कफ सिरप सिंडिकेट की अहम कड़ी अमित टाटा ने पुलिस पूछताछ में कई राज उगले हैं. गैंग लीडर और नशे के कारोबार का सरगना शुभम जायसवाल दुबई में है. फेसटाइम के जरिए अपने गैंग के बाकी मेंबर्स के संपर्क में है. शुभम के साथ उसका परिवार और दोनों पार्टनर गौरव जायसवाल और वरुण सिंह भी दुबई में छिपे हैं. अमित टाटा ने कबूला है कि फर्जी फर्मों के सहारे करोड़ों रुपए कीमत के कफ सिरप मंगवाए गए और उसे तस्करी करके बांग्लादेश भेजा गया है.

इस मामले में बड़े पैमाने पर GST चोरी भी की गई. करीब 100 फर्मों के जरिए पूरा सिंडिकेट चल रहा था. शुभम जायसवाल का CA तुषार सभी फाइनेंशियल डील खुद हैंडल करता था. उसके साथ आजमगढ़ के विकास सिंह भी शामिल है. अमित टाटा ने कबूला कि गाजियाबाद में गैंग मेंबर विभोर राणा की गिरफ्तारी के बाद ही शुभम यहां से फरार हो गया लेकिन, सबके सम्पर्क में है.

धड़ल्ले से किया अवैध कारोबार

सूत्रों के मुताबिक, 2018 से शुभम जयसवाल अवैध धंधे में लिप्त था. शुभम जयसवाल के रैकेट से जुड़े सभी सदस्यों ने कि करोड़ों की कमाई की. बीते दो सालों में शुभम ने दुकानों और प्रॉपर्टी में मोटा इन्वेस्टमेंट किया. बादशाह बाग वाला आलीशान मकान भी दो साल पहले ही खरीदा. दो साल पहले, जिस डीलर से माल लेने आता था शुभम जयसवाल उसी प्रशांत उपाध्याय की पूरी दुकान ही खरीद ली. (राधिका एंटरप्राइज़ जो अब न्यू वृद्धी फार्मा है). अधिकारियों, यूनियन और डिपार्टमेंट हर जगह शुभम जयसवाल ने अपने संपर्क बनाए, कट मनी दिया और धड़ल्ले से अवैध कारोबार किया.

87 लोगों पर दर्ज की गई एफआईआर

कफ सिरप मामले में यूपी के कई जिलों में 87 एफआईआर दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा वाराणसी के 28 फर्म पर शिकंजा कसा गया है. यहां पर अवैध भंडारण की पुष्टि हुई थी. यूपी के कई जिलों के 35 फर्म का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है.

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