कर्नाटक के मैंगलोर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जिले के बंगराकुलुर में एक पेट्रोल पंप पर कर्मचारी ने अपना क्यूआर कोड लगाकर 58 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर दी. वह 2 साल से क्यूआर कोड के जरिए रकम अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करता रहा. पंप मालिक को जब इसकी भनक लगी तो शिकायत पुलिस से की गई.
आरोपी पंप कर्मचारी मैंगलोर के बंगराकुलुर के पास रिलायंस पेट्रोल पंप पर सुपरवाइजर था. आरोप है कि उसने 2 साल में 58 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है. आरोपी ने ग्राहकों के भुगतान के लिए बैंक में रखे क्यूआर कोड को हटाकर अपना क्यूआर कोड डाल दिया था. परिणामस्वरूप, ग्राहक द्वारा भुगतान किया गया पैसा आरोपी कर्मचारी के बैंक खाते में स्थानांतरित हो जाता था.
पंप पर लगा क्यूआर कोड हटाया और अपना लगाया
धोखाधड़ी करने वाले आरोपी की पहचान मैंगलोर के बाजपे निवासी मोहनदास के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वह करीब 15 साल से एक पेट्रोल पंप पर काम कर रहा है. वह पेट्रोल पंप के बैंक के वित्तीय मामलों और प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाता है. मोहनदास ने 10 मार्च 2020 को अपने अकाउंट का क्यूआर कोड पंप पर लगा दिया था. उसने पंप पर लगा क्यूआर कोड को हटा रखा था. पंप मालिक को इसकी भनक लगी. उसने जांच की तो पैसे में हेरफेर निकलकर आया. शिकायत पुलिस से की गई.
दो साल में किया 58 लाख रुपयों का गबन
पेट्रोल पंप कंपनी के मैनेजर संतोष मैथ्यू ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. मैंगलोर के साइबर क्राइम एंड इकोनॉमिक स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने मोहनदास को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है. जांच में सामने आया है कि आरोपी मोहनदास ने 10 मार्च 2020 से 31 जुलाई 2022 तक क्यूआर कोड बदल दिया था. इस दौरान आरोपी ने करीब 58 लाख रुपये का गबन कर डाला.
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