Odisha Vigilance Raid: असिस्टेंट इंजीनियर की काली कमाई का खुलासा; ₹2.4 करोड़ कैश और आलीशान घरों का जखीरा बरामद

देश

ओडिशा: ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे सख्त अभियान के तहत विजिलेंस विभाग ने कंधमाल जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट एजेंसी के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) बैकुंठ नाथ बेहरा के 9 ठिकानों पर एक साथ छापा मारकर विजिलेंस ने उनकी काली कमाई का पर्दाफाश किया है। तलाशी अभियान भुवनेश्वर, बालासोर, जाजपुर और बालीगुडा स्थित उनके आवासों व कार्यालयों पर चलाया गया।

📊 1999 में ₹600 की सैलरी से शुरुआत, आज करोड़ों के मालिक

रिकॉर्ड के अनुसार, बैकुंठ नाथ बेहरा ने 1999 में नबरंगपुर ब्लॉक में बतौर जूनियर इंजीनियर अपने करियर की शुरुआत की थी, तब उनका मासिक वेतन मात्र ₹600 था। कड़ी मेहनत और प्रमोशन के बाद फरवरी 2026 में उन्हें AEE के पद पर तैनात किया गया, जहाँ उनकी सैलरी ₹1.4 लाख प्रति माह हो गई थी। हालांकि, विजिलेंस को मिली शिकायतों के बाद जब संपत्तियों का हिसाब किया गया, तो उनकी कमाई आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक निकली।

🏠 छापेमारी में बरामद संपत्तियों का ब्योरा

विजिलेंस सेल डिवीजन के एसपी सुशांत कुमार बिस्वाल ने बताया कि छापेमारी के दौरान निम्नलिखित संपत्तियां और नकदी बरामद हुई है:

  • नकद राशि: ₹2.4 करोड़ नकद।

  • आलीशान आवास: भुवनेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में 5 बहुमंजिला आलीशान घर।

  • जमीन: 13 से 14 कीमती प्लॉट।

  • सोना: 341 ग्राम सोने के आभूषण।

  • वित्तीय निवेश: बैंक खातों में ₹45 लाख से अधिक की जमा राशि और कई बैंक लॉकर का पता चला है।

⚖️ जांच अभी जारी, बढ़ सकता है संपत्तियों का आंकड़ा

विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि कई संपत्तियों का मूल्यांकन अभी भी प्रक्रिया में है, इसलिए कुल संपत्ति का आंकड़ा छापेमारी के बाद और अधिक बढ़ सकता है। ओडिशा में इस वर्ष की यह सबसे बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई मानी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत वित्तीय रिपोर्ट जारी की जाएगी और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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