CBSE की नई पहल, Students को होगा खूब फायदा

पंजाब

लुधियाना: सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) ने देशभर के स्कूलों में कौशल शिक्षा को बढ़ावा देने और संसाधनों के समान वितरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस महत्वाकांक्षी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्कूलों के प्रमुखों और संबंधित शिक्षकों के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा। इस पहल का मुख्य लक्ष्य छात्रों के बीच कौशल विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाना और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर सांझाकरण सुनिश्चित करना है।

सी.बी.एस.ई. का यह मॉडल एक विशेष सहयोगी ढांचे पर आधारित है। इसमें ‘हब’ उन स्कूलों को माना गया है जो बुनियादी ढांचे, आधुनिक प्रयोगशालाओं और उपकरणों के मामले में पूरी तरह समृद्ध हैं। दूसरी ओर, ‘स्पोक’ स्कूल वे होंगे जिनके पास इन संसाधनों की कमी है। इस व्यवस्था के तहत ‘हब’ स्कूल अपने आसपास के ‘स्पोक’ स्कूलों के छात्रों के साथ अपनी लैब, मशीनें और विशेषज्ञता साझा करेंगे, ताकि संसाधनों के अभाव में कोई भी विद्यार्थी उच्च स्तर की कौशल शिक्षा से वंचित न रहे।

ओरिएंटेशन प्रोग्राम और रजिस्ट्रेशन

बोर्ड ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि इस मॉडल को सफल बनाने के लिए स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों को पूरी प्रक्रिया की जानकारी देना अनिवार्य है। इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें यह समझाया जाएगा कि स्कूल कैसे इस साझेदारी के माध्यम से छात्रों को वोकेशनल विषयों के लिए बेहतर वातावरण प्रदान कर सकते हैं। जो स्कूल इस मॉडल का हिस्सा बनना चाहते हैं या पहले से नामांकित हैं, उन्हें बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराए गए लिंक के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करना होगा।

नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) पर केंद्रित लाभ

इस मॉडल के माध्यम से स्कूलों को अलग से महंगी प्रयोगशालाएं बनाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे लागत में कमी आएगी। बोर्ड का उद्देश्य है कि नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के अनुरूप छात्र पारंपरिक विषयों के साथ-साथ कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटैलिजैंस (ए.आई.) और डेटा साइंस जैसे आधुनिक कौशल आधारित विषयों में भी निपुण बनें। सी.बी.एस.ई. का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण और छोटे शहरों के स्कूलों को भी वही विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी जो बड़े शहरी स्कूलों में उपलब्ध हैं। बोर्ड ने सभी स्कूलों को सलाह दी है कि वे कार्यक्रम की सटीक तारीख और समय के लिए अधिकारिक वैबसाइट पर निरंतर नजर बनाए रखें।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry