Bore Basi Diwas: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर भूपेश बघेल ने खाया ‘बोरे बासी’; सुशासन तिहार पर साधा निशाना, 4 मई को लेकर किया बड़ा दावा

छत्तीसगढ़

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 1 मई अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के मौके पर बोरे बासी दिवस मनाया. दुर्ग स्थित राजीव भवन में कांग्रेस नेताओं के साथ भूपेश बघेल ने पारंपरिक बोरे बासी खाकर श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं दी.

श्रमिक दिवस पर बोरे बासी दिवस

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बोरे बासी छत्तीसगढ़ के किसान और मजदूर वर्ग का मुख्य भोजन है, जिसे उनकी सरकार ने बोरे बासी दिवस के रूप में पहचान दिलाई. पूर्व सीएम ने बोरे और बासी को गर्मी में अमृत बताते हुए इस परंपरा को आगे भी जारी रखने की बात कही. उन्होंने कहा कि बोरे बासी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है. बोरे बासी में गजब विटामिन भरा हुआ है. इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, धीरज बाकलीवाल, राकेश ठाकुर सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं ने भी बोरे बासी का मजा लिया.

सुशासन तिहार पर बघेल का निशाना

वहीं, भाजपा सरकार के सुशासन तिहार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सुशासन के नाम पर छत्तीसगढ़ सरकार क्या कर रही है. शराब भट्टी खोल रही है. बिजली नहीं मिली रही है. गली गली में शराब बह रही है. सभी सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार हो रहा है. मई महीना आने के बाद भी अब तक किसानों को खाद नहीं मिल रहा है. मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है. युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, क्या ये सुशासन है.

विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस की मजबूत स्थिति

चुनावी माहौल पर बात करते हुए बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस कई राज्यों में मजबूत स्थिति में है और केरल, तमिलनाडु, पुड्डचेरी व असम में बेहतर प्रदर्शन करेगी. साथ ही उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार का संचालन दिल्ली या अहमदाबाद से हो रहा है, जिससे प्रदेश की जनता परेशान है.

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