छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुँच गई है। कांग्रेस सांसद और जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर पर दिल्ली में लगे आरोपों के बाद भाजपा महिला मोर्चा द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान बेलतरा स्थित कांग्रेस भवन में घुसकर हंगामा करने का मामला तूल पकड़ गया है। इस घटना के विरोध में और दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को विशाल प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं को कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग और टीन की दीवारें खड़ी की थीं। जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे, तो पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
🏛️ कांग्रेस भवन में हंगामे और बदले की राजनीति का आरोप: विधायक सुशांत शुक्ला पर केस दर्ज करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं की पुलिस अधिकारियों के साथ जमकर बहस और झूमाझटकी हुई। कांग्रेस नेता विजय केसरवानी समेत वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला के इशारे पर बदले की राजनीति की जा रही है और प्रशासन का दुरुपयोग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जबरन कांग्रेस भवन में घुसकर माहौल खराब करने वाले उपद्रवियों पर तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग कर जनप्रतिनिधियों को प्रताड़ित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🚧 क्षेत्र में अवैध उत्खनन और भेदभावपूर्ण कार्रवाई का भी विरोध: कड़े आंदोलन की दी चेतावनी
कांग्रेसियों का आरोप है कि बेलतरा क्षेत्र में अवैध उत्खनन बेधड़क जारी है और विकास कार्यों में जानबूझकर पक्षपात किया जा रहा है। निर्वाचित पंचायत और नगर निगम प्रतिनिधियों को प्रशासनिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस भवन में हंगामा करने वाले आरोपियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई और राजनीतिक प्रताड़ना बंद नहीं की गई, तो कांग्रेस पूरे जिले में उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
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