ATM से 5 साल में कैश निकासी 6% बढ़ी, फिर भी बैंकों ने बंद किए हजारों एटीएम

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देश में लगातार डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ रहा है, लेकिन इस बीच ATM से भी कैश की रिकॉर्ड निकासी बढ़ रही है. इसके साथ ही देशभर में बैंकों ने अपनी ब्रांच का विस्तार भी तेजी से किया है. आरबीआई डेटा के मुताबिक 2021-22 में देश में 1,30,176 बैंक ब्रांच थीं. 2024-25 तक इनकी संख्या 9.3% बढ़कर 1,42,359 हो गईं. इस दौरान एटीएम से निकासी 6% बढ़कर करीब 31 लाख करोड़ रुपए हो गई, लेकिन इस सबके बीच लगातार बैंक अपने ATM की संख्या को घटा रहे हैं. अब सवाल उठता है कि आखिर बैंक किस वजह से ATM की संख्या घटा रहे हैं, जबकि बैंकों की ब्रांच और ATM से कैश निकासी लगातार बढ़ रही है. इसी सबके बारे में हम आपको यहां विस्तार से बता रहे हैं.

5 साल में घटे कितने ATM?

देश में बेशक पिछले 5 साल में बैंकों की ब्रांच की संख्या 1,30,176 से बढ़कर 1,42,359 हो गई है, लेकिन इस दौरान देशभर में बैंकों ने बहुत बड़ी संख्या में ATM बंद किए हैं. RBI के डेटा के अनुसार 2022-23 से 2024-25 के बीच देश में करीब 5 हजार एटीएम घट गए हैं. आपको बता दें सरकारी, प्राइवेट और विदेशी बैंकों के स्वामित्व वाले एटीएम की संख्या 2020-21 में 2, 11,332 थी. 2022-23 में इनकी संख्या बढ़कर 2, 16,629 तक पहुंच गई, लेकिन 2024-25 में ये घटकर 2,11,656 पर आ गई.

देश में रिकॉर्ड कैश सर्कुलेशन के बीच बैंक एटीएम के साथ ही कैश डिपॉजिट करने वाली मशीन कैश रिसाइक्लर्स की संख्या भी घटा रहे हैं. हालांकि आरबीआई के अनुसार, डिजिटल भुगतान की सीमित पहुंच वाले ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों में एटीएम की डिमांड बनी हुई है. इसके चलते निकासी के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं. वित्त वर्ष 2024-25 में एटीएम से 30.6 लाख करोड़ रुपए की नकद निकासी हुई, जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में ये आंकड़ा 28.89 लाख करोड़ था .

क्यों घटर रहे हैं देश में ATM

महंगे रखरखाव के चलते बैंक एटीएम घटा रहे हैं इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि एटीएम चलाना बैंकों के लिए एक महंगा काम है, क्योंकि इसमें कैश मैनेजमेंट और कैसेट स्वैप सहित रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है. देश में डिजिटल लेनदेन में बढ़ोतरी हो रही है. इसकी वजह से एटीएम की संख्या घट रही है.

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