चंडीगढ़ : जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बेहतर वेतन पैकेज का सपना दिखाकर 45 दिनों के भीतर विदेश नहीं भेजने पर सैक्टर-37डी स्थित गोरोफी एजुकेशन सर्विसेज को सेवा में लापरवाही का दोषी पाया है। 15,000 रुपये हर्जाना लाकर एडवांस में दिए 40,000 रुपये 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर वापिस व 7,000 रुपये मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में देने का भी निर्देश दिया गया है।
जीरकपुर निवासी प्रमोद कुमार सिंह ने सेक्टर-37डी स्थित गोरोफी एजुकेशन सर्विसेज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि अगस्त 2022 में आरोपी पक्ष के एजेंट के साथ बैठक हुई थी। विदेश जाने पर कम से कम 21 डॉलर प्रति घंटे का वेतन देने का भरोसा दिया गया। आरोपियों ने पूरे पैकेज के तौर पर 40 हजार रुपये एडवांस के साथ 4.40 लाख रुपये जमा करने को कहा। बाकी के 4 लाख रुपये सैलरी अकाउंट से काटने की बात कही गई। शिकायतकर्ता ने दिलचस्पी दिखाते 40 हजार दे दिए। आरोपी पक्ष ने सिर्फ 20 हजार रुपये की रसीद दी।
आरोपी पक्ष ने 45 दिन के अंदर उड़ान भरने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में कोई जवाब नहीं दिया। जांच करने पर विदेश नीति में बदलाव का हवाला देते हुए 2 लाख के अतिरिक्त भुगतान की मांग की गई, लेकिन शिकायतकर्ता ने भुगतान करने में असमर्थता जताई। जब आरोपी विदेश भेजने में असमर्थ रहा तो शिकायतकर्ता ने पैसे वापस करने का अनुरोध किया। जमा की गई रकम लौटाने के बजाय आरोपियों ने उसे कार्यालय में अपमानित किया। आयोग को बताया गया कि आरोपी पक्ष की यह हरकत सेवा में कमी और अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं के बराबर है। आयोग ने मामले को एक्स पार्टी करार देते शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया गया।
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