सूरजपुर में वन विभाग का बड़ा एक्शन! खरीदार बनकर पकड़े 3 तस्कर, बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क जब्त

छत्तीसगढ़

सूरजपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में वन्यजीवों की अवैध तस्करी से जुड़ा एक बेहद गंभीर और बड़ा मामला सामने आया है।

वन विभाग की टीम ने मध्य प्रदेश के वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो से मिली सटीक सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अंतरराज्यीय तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से एक वयस्क बाघ की खाल और अवैध हथियार भी जब्त किए हैं। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय वन्यजीव तस्करों के एक बड़े और संगठित नेटवर्क का खुलासा होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

🐅 वन विभाग की टीम ने खरीदार बनकर बिछाया जाल, बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क बरामद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश वाइल्ड लाइफ क्राइम ब्यूरो को सूरजपुर और आसपास के मैदानी इलाकों में दुर्लभ वन्यजीवों के अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त की गुप्त सूचना मिली थी।

सूचना की पुष्टि के बाद वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से दो विशेष टीमों का गठन कर तस्करों को घेरने की योजना बनाई। वन विभाग की टीम के अधिकारियों ने खुद छद्म खरीदार बनकर तस्करों से संपर्क साधा और बड़ी रकम का लालच देकर एक तय स्थान पर बुलाया। जैसे ही आरोपी बाघ की खाल लेकर पहुंचे, टीम ने घेराबंदी कर तीनों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से दुर्लभ बाघ की खाल, घातक हथियार और संकटग्रस्त जीव पैंगोलिन के शल्क (Scales) बरामद किए गए।

🕸️ 5-6 महीने पुरानी है बाघ की खाल, गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस व वन विभाग

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, बरामद की गई बाघ की खाल लगभग 5 से 6 महीने पुरानी प्रतीत हो रही है।

तस्कर इसे अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय बाजार में ऊंची से ऊंची कीमत पर बेचने की फिराक में घूम रहे थे। वन विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा गिरफ्तार तीनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बाघ का शिकार किस जंगल में किया गया था और इस पूरे गिरोह के पीछे कौन-कौन से मुख्य सरगना और खरीदार शामिल हैं।

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