दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े विधेयकों पर विचार-विमर्श करने आई संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का स्वागत किया। समिति संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक के प्रावधानों पर राज्य सरकारों से सुझाव लेने के लिए दिल्ली आई है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की इस पहल को सराहा और कहा कि दिल्ली सरकार इस महत्वपूर्ण विषय पर अपने विस्तृत और सकारात्मक सुझाव समिति को देगी।
⚡ ‘एक साथ चुनाव समय की मांग’, संसाधनों की होगी बड़ी बचत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि देश में एक साथ चुनाव होना आज समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से देश की ऊर्जा, समय और संसाधनों का अपव्यय होता है। चुनाव के दौरान आचार संहिता लगने से विकास कार्य बाधित होते हैं और सरकारी मशीनरी का बड़ा हिस्सा चुनावी ड्यूटी में लग जाता है। दिल्ली जैसे राज्यों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहाँ चुनाव के दौरान शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित होती हैं। राष्ट्रहित में दिल्ली सरकार अपने चुनावी कार्यकाल में आवश्यक समायोजन करने के लिए भी तैयार है।
📝 लोकतांत्रिक मजबूती के लिए दिल्ली सरकार का सहयोग
बैठक के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली एक लघु भारत है, जहाँ देश भर के नागरिक रहते हैं। इसलिए यहाँ के चुनावी व्यवहार का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने समिति को भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार इस विषय पर जल्द ही औपचारिक रूप से लिखित सुझाव सौंपेगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दिल्ली सरकार ऐसे हर सुधार का समर्थन करती है जिससे सुशासन और प्रशासनिक दक्षता बढ़े, बशर्ते संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक सिद्धांत पूरी तरह सुरक्षित रहें।
🏛️ समिति के साथ विस्तृत विचार-विमर्श
सांसद पी. पी. चौधरी की अध्यक्षता में आए प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, सांसद संबित पात्रा, विष्णुदत्त शर्मा, भर्तृहरि महताब सहित समिति के अन्य वरिष्ठ सदस्य शामिल थे। बैठक में लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों के समन्वय, चुनावी चक्र के एकीकरण और दिल्ली सरकार अधिनियम पर पड़ने वाले प्रभावों पर कानूनी व प्रशासनिक पहलुओं से विस्तार में चर्चा की गई।
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