डॉक्टर डेथ के नाम से कुख्यात देवेंद्र शर्मा की गिरफ्तारी के बाद गुरुग्राम किडनी कांड और डॉ. अमित कुमार भी चर्चा में आ गया है. डॉ. अमित कुमार इस किडनी रैकेट का सरगना था और डॉ. देवेंद्र इस रैकेट का एक हिस्सा. पुलिस सूत्रों के मुताबिक डॉ. अमित क्रूरता के मामले में देवेंद्र से भी आगे था. वह खुद अपने हाथों किडनी निकालता और अमेरिका, इंगलैंड, कनाडा, सऊदी अरब और ग्रीस आदि देशों से आए ग्राहकों के शरीर में ट्रांसप्लांट कर देता था. जबकि उसके पास ना तो इस तरह की सर्जरी की कोई योग्यता थी और ना ही कोई अनुभव.
केस डायरी को पढ़ने के बाद गुरुग्राम की अदालत ने भी उसे झोला छाप कहा था. इस प्रसंग में उसी झोला छाप डॉ. अमित की कहानी बता रहे हैं. यह कहानी साल 2007-8 की सर्दियों में सामने आई थी. उस समय गुरुग्राम पुलिस को मुरादाबाद के रहने वाले एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि उसकी किडनी अवैध रूप से निकाल ली गई है. इस शिकायत पर गुरुग्राम पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की. इस मुकदमे की खबर फैलते ही किडनी रैकेट का सरगना डॉ. अमित और उसका भाई जीवन कुमार अपना ऑपरेशन थिएटर बंद कर फरार हो गए.
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